चार दिनों तक बच्ची से जंगल में किया था बलात्कार

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 21 Jan 2014 12:44 AM IST
Plsura Baby Murder: girl was raped in the forest
हाथ-पैर बांधकर युवकों ने चार दिन तक बच्ची को जंगल में खुले में ही रखा और दुराचार करते रहे।

पुलिस के अनुसार दोनों युवक नशे के आदी हैं और पेशेवर अपराधी हैं। पटियाल जेल से 5 दिन पहले राहजनी के मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा रिमांड पर लाए गए दो युवकों ने चर्चित पलसौरा बेबी मर्डर कुबूल कर लिया है।

दोनों युवक यूपी के फैजाबाद निवासी अनिरुद्ध (18) और पंजाब के रोपड़ के निवासी राजकुमार उर्फ राजा (20) वही हैं, जिन्हें गत 16 दिसंबर को पंजाब पुलिस ने डेराबस्सी में एटीएम गार्ड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार दोनों युवक नशे के आदी, पेशेवर अपराधी हैं। दोनों ने हिरासत के दौरान माना कि वे बच्ची को अगवा कर कंबल में छुपा कर जंगल में ले गए थे।

तीन दिन के पुलिस रिमांड पर
सोमवार को दोनों युवकों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार राजा और अनिरुद्ध ने बताया कि पिछले साल 27 नवंबर को वे दस साल की बच्ची को अगवा कर सेक्टर-54 के जंगल में ले गए थे।

30 नवंबर तक वे बारी-बारी उससे दुराचार करते रहे। 30 नवंबर को उन्होंने पकड़े जाने के डर से बच्ची की हत्या कर दी और शव चीनी की बोरी में डाल कर फर्नीचर मार्केट के पीछे के जंगल में फेंक दिया।

एक दिसंबर को शव पुलिस ने बरामद किया था। इसके बाद दोनों युवक पलसौरा छोड़कर मलोया के पास जंगल में रहने लगे और उसके बाद कालोनी नंबर-5 और फिर पंजाब के इलाके में चले गए।

कंबल को जला दिया
पुलिस के अनुसार दोनों ने रस्सी से दो-दो बार नाबालिग का गला दबा कर हत्या की थी। अपहरण में जो कंबल इस्तेमाल किया था उसे आरोपियों ने जला दिया।

जिस बोरी में शव मिला वह उन्होंने जंगल में कूड़े के ढेर से ही तलाशी थी। युवकों के अनुसार बच्ची रो-रोकर अपनी मां को याद करती थी और उनसे लगातार छोड़ देने की गुहार लगाती थी। उसने दोनों से हाथापाई भी की थी। बच्ची ने उनकी पहचान कर ली थी इसलिए हत्या कर दी।

दोनों जंगल वासी
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी फ्लयूड का नशा करते हैं और इनका ठिकाना पलसौरा के आसपास के जंगल थे। दोनों पेशेवर अपराधी हैं।

पंजाब पुलिस ने दोनों को खरड़ में एक एटीएम गार्ड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों से राहजनी और एटीएम कार्ड क्लोनिंग मामले में चंडीगढ़ पुलिस का साइबर सेल पूछताछ कर रहा था।

दोनों ने बच्ची की हत्या की बात कुबूल कर ली। पुलिस के अनुसार अनिरुद 5 वी कक्षा तक पढ़ा है जबकि राज कुमार अनपढ़ है।

एसआईटी नहीं सलुझा सकी
इस मामले में तत्कालीन एसएसपी नौनिहाल सिंह ने एसआईटी गठित कर डीएसपी क्राइम सतबीर सिंह को इसका प्रभारी बनाया था।

केस को सुलझाने के लिए 11 टीमों का गठन किया गया था। मगर ये सभी विफल रहीं। दूसरी ओर साइबर सेल ने यह मामला सुलझा दिया।

एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया ‌कि दोनों आरोपियों ने लड़की से दुराचार और उसकी हत्या की वारदात कुबूल कर ली है। दोनों तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। गत 17 जनवरी को दोनों को राहजनी के मामले पटियाला जेल से रिमांड पर लाया गया था।

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