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PGI चंडीगढ़ से बायो वेस्ट चोरी कर ले जाते दो सफाई कर्मी काबू, सात बैग बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 May 2018 11:37 AM IST
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पीजीआई चंडीगढ़ का बायोवेस्ट
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पीजीआई चंडीगढ़ से लंबे समय से गायब हो रहा बायोवेस्ट कोई और नहीं, बल्कि पीजीआई के अपने ही सफाई कर्मचारी चुरा कर ले जा रहे थे। सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील ने पीजीआई में कांट्रैक्ट पर कार्यरत दो सफाई कर्मचारियों को मंगलवार रात नेहरू अस्पताल से बायोवेस्ट चोरी कर गाड़ी से ले जाते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। सुनील की सूचना पर पहुंचे पीजीआई चौकी और सेक्टर-11 थाने के पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
आरोपी कर्मचारियों की पहचान मोहाली के नयागांव की जनता कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय करण कागरा और 25 वर्षीय गौरव के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से बायो वेस्ट से भरे सात बैग बरामद किए। साथ ही उन्हें ले जाने में इस्तेमाल की गाड़ी नंबर सीएच01टीए-2974 को भी कब्जे में लिया है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
आरोपी बायो वेस्ट नयागांव ले जाने की फिराक में थे लेकिन इससे पहले ही सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील की उन पर नजर पड़ गई। थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ में यह पता लगाने के प्रयास में जुटी है कि वे पिछले कितने समय से पीजीआई से बायोवेस्ट चुरा रहे थे और किन-किन कबाड़ियों को बेचते थे। पुलिस ने आरोपियों से पीजीआई से इससे पहले चोरी बायोवेस्ट मामले सुलझने की उम्मीद भी जताई।
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पॉल्यूशन विभाग को मिला था बायोवेस्ट, पुलिस नहीं कर सकी थी गिरफ्तार
करीब छह महीने पूर्व पॉल्यूशन विभाग को नयागांव और डड्डूमाजरा में बायो वेस्ट मिला था। पॉल्यूशन विभाग ने बायो वेस्ट पीजीआई का होने का दावा किया था। पॉल्यूशन विभाग ने मामले की गंभीरता को भांप पुलिस व पीजीआई प्रबंधन को सचेत किया था। अचरज की बात यह है कि यूटी पुलिस ने मामले की जांच भी की थी लेकिन पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
कबाड़ियों को बेचा जाता है बायो वेस्ट, प्लास्टिक का खिलौने बनाने में होता है इस्तेमाल
चोरी किए जाने वाले बायो वेस्ट को आरोपी कबाड़ियों को बेचते हैं। यहां से बायो वेस्ट दिल्ली तक भी पहुंचता है और फिर प्लास्टिक का इस्तेमाल खिलौने बनाने में किया जाता है। यहां तक की कुछ लोग वेस्ट सीरींज का दोबारा इस्तेमाल कर इंसानी जान को भी खतरे में डालते हैं। ऐसे गंभीर परिणाम के कारण ही मामले पर पॉल्यूशन विभाग ने चिंता जाहिर की थी। लेकिन इसके बाद भी न तो पुलिस अपनी जांच में किसी आरोपी को गिरफ्तार कर सकी थी और पीजीआई प्रबंधन भी किसी आरोपी को नहीं पकड़ सका था।
अन्य सफाई कर्मचारियों से भी की जाएगी पूछताछ
पीजीआई के कांट्रैक्ट पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों के बायोवेस्ट चोरी करने का पता लगने पर सेक्टर-11 थाना पुलिस अब अन्य सफाई कर्मचारियों और उनके सुपरवाइजर से भी पूछताछ कर सकती है। ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। साथ ही पुलिस पीजीआई में रात के समय ड्यूटी पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है।
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आरोपी कर्मचारियों की पहचान मोहाली के नयागांव की जनता कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय करण कागरा और 25 वर्षीय गौरव के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से बायो वेस्ट से भरे सात बैग बरामद किए। साथ ही उन्हें ले जाने में इस्तेमाल की गाड़ी नंबर सीएच01टीए-2974 को भी कब्जे में लिया है। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
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आरोपी बायो वेस्ट नयागांव ले जाने की फिराक में थे लेकिन इससे पहले ही सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील की उन पर नजर पड़ गई। थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ में यह पता लगाने के प्रयास में जुटी है कि वे पिछले कितने समय से पीजीआई से बायोवेस्ट चुरा रहे थे और किन-किन कबाड़ियों को बेचते थे। पुलिस ने आरोपियों से पीजीआई से इससे पहले चोरी बायोवेस्ट मामले सुलझने की उम्मीद भी जताई।
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पॉल्यूशन विभाग को मिला था बायोवेस्ट, पुलिस नहीं कर सकी थी गिरफ्तार
करीब छह महीने पूर्व पॉल्यूशन विभाग को नयागांव और डड्डूमाजरा में बायो वेस्ट मिला था। पॉल्यूशन विभाग ने बायो वेस्ट पीजीआई का होने का दावा किया था। पॉल्यूशन विभाग ने मामले की गंभीरता को भांप पुलिस व पीजीआई प्रबंधन को सचेत किया था। अचरज की बात यह है कि यूटी पुलिस ने मामले की जांच भी की थी लेकिन पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
कबाड़ियों को बेचा जाता है बायो वेस्ट, प्लास्टिक का खिलौने बनाने में होता है इस्तेमाल
चोरी किए जाने वाले बायो वेस्ट को आरोपी कबाड़ियों को बेचते हैं। यहां से बायो वेस्ट दिल्ली तक भी पहुंचता है और फिर प्लास्टिक का इस्तेमाल खिलौने बनाने में किया जाता है। यहां तक की कुछ लोग वेस्ट सीरींज का दोबारा इस्तेमाल कर इंसानी जान को भी खतरे में डालते हैं। ऐसे गंभीर परिणाम के कारण ही मामले पर पॉल्यूशन विभाग ने चिंता जाहिर की थी। लेकिन इसके बाद भी न तो पुलिस अपनी जांच में किसी आरोपी को गिरफ्तार कर सकी थी और पीजीआई प्रबंधन भी किसी आरोपी को नहीं पकड़ सका था।
अन्य सफाई कर्मचारियों से भी की जाएगी पूछताछ
पीजीआई के कांट्रैक्ट पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों के बायोवेस्ट चोरी करने का पता लगने पर सेक्टर-11 थाना पुलिस अब अन्य सफाई कर्मचारियों और उनके सुपरवाइजर से भी पूछताछ कर सकती है। ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। साथ ही पुलिस पीजीआई में रात के समय ड्यूटी पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है।