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पेपर लीक: मास्टरमाइंड का सनसनीखेज खुलासा

Fri, 21 Feb 2014 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 21 Feb 2014 01:04 AM IST
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Paper Leak Case: sensational disclosure of mastermind

रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की परीक्षा से पहले ही पेपर लीक करवाने के मास्टर माइंड अशोक कुमार ने गोहना के युवक भोलू से प्रश्नों के उतर मिले थे। यह खुलासा पकड़े गए मास्टर माइंड अशोक कुमार ने साइबर सेल के सामने किया।

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रेलवे के पेपर में आने वाले प्रश्नों के उतर लेने के लिए अशोक कुमार ने गोहाना के भोलू से चार लाख रुपये देकर मंगाए थे।

प्रश्नों के उतर मिलने के बाद सभी आवेदकों को अशोक कुमार ने अपने मोबाइल फोन से मैसेज के द्वारा भेजे थे। पूछताछ में पता चला कि मामले में नकल मारते पकड़े गए युवकों के अलावा भी कई युवक अशोक कुमार के संपर्क में थे।
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कई युवक तो पुलिस की नजर से बचकर पेपर भी दे चुके है। मामले में पकड़े गए मास्टरमाइंड अशोक कुमार को साइबर सेल की टीम ने वीरवार को जिला अदालत में पेश किया।
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साइबर सेल ने अदालत से अशोक कुमार को रिमांड मांगने की दलील दी कि पूछताछ में पता करना है कि गिरोह में कौन-कौन से लोग शामिल है।

रेलवे बोर्ड के कर्मचारियों केसाथ भी अशोक कुमार के किस तरह के संबंध है। साइबर सेल की दलील सुनने के बाद अदालत ने अशोक कुमार को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

रिमांड मिलने के बाद साइबर सेल की एक  टीम हरियाणा स्थित गोहना के भोलू को पकड़ने के लिए रवाना हो चुकी है।

यह था मामला
मामला पिछले वर्ष आठ दिसंबर का है। साइबर सेल के इंचार्ज जसबीर सिंह को सूचना मिली थी कि रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की परीक्षा का पेपर लीक हो गया है।

पुलिस ने सेक्टर-46 जीएमएसएसएस में बने परीक्षा केंद्र से छह युवकों को गिरफ्तार किया था। उनके मोबाइल पर प्रश्नों के जवाब आए हुए थे।

गिरफ्तार युवकों में झज्जर निवासी नरेंद्र, कुलदीप, दीपक अहलावत, रोहतक निवासी दीवेंद्र, गुलाब और सोनीपत निवासी दलबीर सिंह शामिल थे।

इनके पास से पुलिस को पर्चियां भी बरामद हुईं, जिन पर लिखे उत्तर और उनके मोबाइल पर आए मैसेज एक जैसे थे। जीएमएसएसएस-46 की प्रिंसिपल सुदेश राघव की शिकायत पर पुलिस ने नरेंद्र, कुलदीप, दीपक अहलावत, दीवेंद्र, गुलाब और दलबीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।


पूछताछ में उन्होंने मोबाइल पर जवाब भेजने वाले की जानकारी दी थी। साइबर सेल ने 19 फरवरी को सेक्टर 17 बस स्टैंड से मास्टरमाइंड सोनीपत स्थित गनौर के अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था।

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