पेपर लीकः पूरे स्कूल में सीसीटीवी से निगरानी, जिस कमरे में खोला था पेपर वहां नहीं थे कैमरे
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल का कोच-कम-एडमिनिस्ट्रेटर है। एसटीएफ समेत रेवाड़ी पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। जांच में सामने आया है कि पूरे एसएस इंटरनेशनल स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और जिस कमरे में पेपर खोले गए वहां कैमरे ही नहीं थे।
पुलिस ने पेपर लीक मामले में रविवार देर रात एक और आरोपी गिरफ्तार कर लिया। वहीं कुल नौ आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर पांच का दो दिन और चार आरोपियों का पांच दिन का रिमांड हासिल कर लिया है। एसटीएफ के सूत्रों का दावा है कि परीक्षा शुरू होने के बाद पेपर लीक किया गया। परीक्षा शुरू होने के बाद एसएस इंटरनेशनल स्कूल का एडमिनिस्ट्रेटर, कोच और सुपरिंटेंडेंट जसवीर सिंह कमरे के बाहर खड़े थे और चपरासी अंदर था।
इस दौरान एक अध्यापिका कमरे के अंदर जाने के लिए आई लेकिन जसबीर सिंह ने उसे भीतर नहीं जाने दिया। चपरासी ने दो व्हाट्सएप नंबरों पर पेपर सेंड किया लेकिन पेपर साफ नहीं पहुंचने के कारण दोबारा से उनसे पेपर मांगा तो आरोपी चपरासी राजकुमार ने निसिंग खंड के शिक्षा अधिकारी राजीव भुटानी को भी वाट्सएप पर पेपर भेजा।
स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर जसबीर सिंह और बीईओ निसिंग ने ही पेपर लीक किया। गुरुग्राम से सॉल्व कर आंसर-की रेवाड़ी पहुंची लेकिन सेंटर में परीक्षार्थी तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
आरोपियों को लिया गया रिमांड पर
रेवाड़ी पुलिस ने रविवार को पकड़े गए सभी आरोपियों को रेवाड़ी कोर्ट में पेश किया। उसके बाद हिसार के भूरे निवासी दीपक, बाहनी अमरपुर निवासी कृष्ण, ददई निवासी रविश, रेवाड़ी के गांव बालियर निवासी कुलदीप व गुमीना निवासी जयवीर को दो दिन के रिमांड पर लिया है। हिसार के भैणी अमीरपुर निवासी अखिल, हांसी निवासी पंकज, बास खुर्द निवासी दिनेश कुमार व करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल के कर्मचारी राजकुमार उर्फ राजू को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
कई करोड़ की डील की आशंका
पेपर लीक मामले में अभी तक रेवाड़ी पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है कि पेपर लीक करने की डील कितने रुपयों में हुई थी लेकिन पुलिस के सूत्र बताते हैं कि इस मामले में डील कई करोड़ रुपये की थी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पेपर लीक के बाद उसके आंसर की कई-कई लाख रुपये में बेचने की तैयारी थी।
गिरफ्तार किए गए सभी नौ आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। असली मास्टरमाइंड अभी फरार है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। रिमांड के दौरान पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा। पैसे के लेनदेन पर अभी पूछताछ की जा रही है। - राहुल शर्मा, एसपी, रेवाड़ी।