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Hindi News ›   Chandigarh ›   Number plate of car used in sidhu moosewala murder was made from Amritsar at behest of gangster Goldi Brar

Sidhu Moosewala: हत्याकांड में इस्तेमाल गाड़ी की नंबर प्लेट भी थी नकली, गोल्डी बराड़ ने अमृतसर से दिलाई थी

Fri, 09 Feb 2024 03:26 PM IST
निवेदिता वर्मा भारत भूषण मित्तल, संवाद, बठिंडा (पंजाब)
भारत भूषण मित्तल, संवाद, बठिंडा (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 09 Feb 2024 03:26 PM IST
सार

गायक सिद्धू मूसेवाला की मई 2022 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई ने ली थी। हत्या से एक दिन पहले मूसेवाला की सुरक्षा हटा ली गई थी। 

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Number plate of car used in sidhu moosewala murder was made from Amritsar at behest of gangster Goldi Brar
सिद्धू मूसेवाला - फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala

विस्तार

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल एक कार की नंबर प्लेट नकली थी। हत्या के लिए हरियाणा के फतेहाबाद से जिन गाड़ियों में आरोपी आए थे, उसमें से एक गाड़ी की नंबर प्लेट विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड के इशारे पर अमृतसर से बनवाई गई थी। आरोपी केशव ही अमृतसर से नंबर प्लेटें लेकर फतेहाबाद पहुंचा था। 
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मूसेवाला की हत्या से करीब एक माह पहले आरोपियों के दो साथियों अक्शे व रूपेश को गंगानगर सीआईए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इनको आरोपी केशव ने ही कमरा दिलाया था। लेकिन उक्त दोनों के पकड़े जाने के बाद आरोपी केशव भी बठिंडा से चंडीगढ़ जाकर छिप गया था।
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केशव वर्ष 2020 में मुक्तसर की जेल में बंद था। वहां उसकी जान पहचान हरजिंदर सिंह से हुई। दिसंबर 2021 में हरजिंदर सिंह ने केशव की पहचान गोल्डी बराड़ से फोन के जरिये करवाई थी। 
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इसके बाद अप्रैल 2022 में केशव की गोल्डी से फिर बातचीत हुई। गोल्डी ने केशव को अक्शे व रूपेश के रहने का इंतजाम करने को कहा। तीन दिन बाद केशव चंडीगढ़ से अमृतसर चला गया था। वहां पर उसने गोल्डी बराड़ से पैसे मंगवाए। इसके बाद केशव अमृतसर से गाड़ी की नंबर प्लेटें लेकर फतेहाबाद पहुंचा। फतेहबाद में जिस लड़के ने केशव से नंबर प्लेटें ली थीं, कुछ समय बाद वही बोलेरो गाड़ी लेकर केशव के साथ पहुंचा था। 


सूत्रों ने बताया कि केशव व एक लड़का उस दिन गांव रत्ता टिब्बा में रहे और अगले दिन उनको प्रियव्रत फौजी और अंकित सेरसा मिले थे। इनको लेकर केशव बोलेरो गाड़ी से डबवाली पहुंचा था। मूसेवाला की हत्या करने के लिए जिस बोलेरो गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था, उसका असल नंबर दिल्ली का था। जबकि कोरोला गाड़ी को जग्गू के शूटर मनप्रीत एवं जगरूप रूपा लेकर आए थे।
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