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Punjab: हिमाचल में NRI से मारपीट मामला, मंत्री धालीवाल बोले- पंजाब पुलिस दर्ज करेगी जीरो FIR
Sun, 16 Jun 2024 09:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह
पीटीआई, चंडीगढ़
पीटीआई, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 16 Jun 2024 09:41 PM IST
सार
पीड़ित ने हिमाचल प्रदेश पुलिस पर भी मामले में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। वहीं राज्य के एक आईपीएस अधिकारी ने दावा किया कि ऐसा कोई मामला नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में पंजाब मूल के एनआरआई व्यक्ति से मारपीट के मामले में पंजाब पुलिस जीरो एफआईआर दर्ज करेगी। पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को इसकी जानकारी दी। एनआरआई व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश के डलहोजी में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्तियों के समूह ने उनको पीटा है।
इस मामले में जीरो एफआईआर किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज की जा सकती है, चाहे घटना का स्थान या अधिकार क्षेत्र कुछ भी हो और बाद में इसे उपयुक्त पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित किया जा सकता है।
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बता दें कि अमृतसर के एक अस्पताल में इलाज करा रहे एनआरआई कवलजीत सिंह ने दावा किया कि हिमाचल में पंजाबी होने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। इसी मामले में धालीवाल का जीरो एफआईआर का बयान आया है। उधर, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कहा है कि यह घटना किसी अंतर-राज्य या अंतर-सामुदायिक विवाद से जुड़ी नहीं है।
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वहीं मंत्री धालीवाल ने रविवार को उस अस्पताल में दौरा किया जहां कंवजीत सिंह उपचार करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पीड़ित के परिवार से कहा है कि वह पुलिस को अपने बयान दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश के पुलिस के डायरेक्टर जनरल से भी बात करने का प्रयास किया है, लेकिन वह राज्य से बाहर हैं।
उन्होंन कहा कि वह एक दो दिन में हिमाचल के मुख्यमंत्री और डीजीपी से मिलेंगे और उनको एफआईआर की कॉपी सौंपेंगे। धालीवाल ने कहा कि हिमाचल में रोजाना पंजाब के हजारों लोग घुमने जाते हैं। इस प्रकार की घटनाए पर्यटन परिप्रेक्ष्य में ठीक नहीं है।
पर्यटन पर आधारित है हिमाचल की अर्थव्यवस्था
धालीवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर करती है। इस प्रकार की घटनाएं पर्यटकों में डर पैदा कर सकती हैं। इसलिए हिमाचल सरकार को इसे गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
यह है मामला
कवलजीत सिंह और उनकी स्पेन की पत्नी 25 साल से स्पेन में रह रहे थे और कुछ समय पहले ही पंजाब में लौटे थे। सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले वह अपने रिश्तेदारों और पत्नी के साथ डलहोजी गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्किंग के विवाद में उनके उपर वहां करीब 100 लोगों के समुह ने हमला कर दिया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस पर भी मामले में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। वहीं राज्य के एक आईपीएस अधिकारी ने दावा किया कि ऐसा कोई मामला नहीं है।
आईजी (उत्तरी रेंज) संतोष पटियाल ने शनिवार को पीटीआई को बताया कि सिंह चंबा जिले के खजियार आए थे और कुछ महिलाओं के लिए हस्तरेखा पढ़ रहे थे। किसी को यह कृत्य बुरा लगा और हाथापाई हो गई। बाद में, दोनों पक्षों ने पुलिस के सामने समझौता कर लिया।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने लिखित में दिया था कि वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते और चले गए। पटियाल ने कहा कि हिमाचल में पर्यटकों का स्वागत है। यहां अंतर राज्य और अंतर समुदायिक कोई विवाद नहीं है। वहीं शनिवार को अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस मामले में हिमाचल सरकार से कार्रवाई की मांग की थी।