फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Nine Crore Sixty Lakh Recovered from Pastor, ED and Police Enquiry Report

खन्नाः मिशनरियों को तो नहीं भेजे जाने थे पादरी से मिले 9.66 करोड़, आश्रम बना पुलिस छावनी

Sun, 31 Mar 2019 11:39 AM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (प्रतापपुरा)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (प्रतापपुरा) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 31 Mar 2019 11:39 AM IST
विज्ञापन
Nine Crore Sixty Lakh Recovered from Pastor, ED and Police Enquiry Report
सांकेतिक तस्वीर
पंजाब के खन्ना में पादरी समेत छह लोगों से नौ करोड़ 66 लाख 61 हजार 700 रुपये की राशि मिशनरियों को तो नहीं भेजी जानी थी। इस पहलू से मामले की जांच की जा रही है। जालंधर में नकोदर रोड पर स्थित गांव प्रतापपुरा की आबादी करीब 1500 और इसमें ईसाई भाईचारे की आबादी करीब 300 है।
विज्ञापन


गांव में कैथोलिक चर्च की तरफ से बेसहारा और स्पेशल बच्चों के लिए आश्रम बनाया गया है। बीचों-बीच एक आलीशान कोठी भी बनी है, जिसमें कैथोलिक चर्च के कैशियर फादर एंथनी रहते हैं। वह कैथोलिक और बिशप हाउस द्वारा संचालित शिक्षा संस्थानों व अस्पतालों के कैशियर हैं। उन्हें खन्ना पुलिस ने 9.66 करोड़ रुपये की राशि के साथ गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद इतनी बड़ी राशि बरामद होने की घटना ने इस बात पर सवाल उठा दिया है कि कहीं यह पैसा ईसाई मिशनरियों को तो नहीं भेजा जाना था। इतनी बड़ी राशि कहीं विदेश से हवाला के जरिए तो नहीं भेजी गई। पहले भी हिंदू संगठन आरोप लगाते रहे हैं कि ईसाई मिशनरियों को विदेशों से फंडिंग होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब पुलिस ने इन सब बातों को मद्देनजर रखकर अपनी जांच टीम में प्रवर्तन निदेशालय के सहायक डायरेक्टर दीपक राजपूत को शामिल कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी हवाला कारोबार की जांच करने वाली अधिकृत एजेंसी है, जो केंद्र के अधीन है।

आश्रम में रात को आए थे पुलिस के तीन वाहन

ग्रामीणों के लोगों ने नाम न छापने की शर्त बताया कि शुक्रवार रात को पुलिस के तीन वाहन आए थे, जो अनाथालय में चले गए। मुख्य दरवाजा बंद कर दिया गया, छतों से सिर्फ इतना ही दिख पाया कि अंदर से अटैची पुलिस की गाड़ियों में रखी जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार, यहां लाल बत्ती वाली गाड़ियां आती जाती रहती हैं।   

दावा- स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की है राशि
हालांकि कैथोलिक चर्च और बिशप हाउस से जुड़े लोग बताते हैं कि यह राशि स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की है, यह फीस का पैसा है। अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी राशि अपने पास रखी जा सकती है। इसको बैंक में रखना चाहिए या अपने वाहन में। ईडी और आईटी विभाग की टीमें देर रात तक प्रतापपुरा में डेरा डाले थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed