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पीजीआई में कुत्ते ने नवजात को नोंच डाला

Thu, 22 Jan 2015 05:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Thu, 22 Jan 2015 05:43 PM IST
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Newborn bitten by dogs in PGI

पीजीआई परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब बुधवार दोपहर कुत्ता नवजात बच्चे को लेकर पहुंच गया और नोंचने लगा। यह लोमहर्षक घटना हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआई की है।

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सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह बच्चे को छुड़वाया और तत्काल आपातकालीन कक्ष में ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों का दावा है कि महिला ने सुबह मृत बच्चे को जन्म दिया था। उसके पिता ने शव डेंटल यूनिट के पीछे दफना दिया, जहां से कुत्ते निकाल कर लाया है। देर रात तक मामला प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में चर्चा का विषय बना रहा।
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हवलदार नवनीत ने बताया कि बिहार के सहरसा निवासी चलित्र करनाल में अपनी पत्नी कंदूला के साथ रहता है। सोमवार को उसकी पत्नी को गर्भ के चलते पीजीआई रेफर कर दिया गया, जहां आपरेशन से बुधवार सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर मरे हुए बेटे को जन्म दिया। डाक्टरों ने शव उसके पिता चलित्र को सौंप दिया। आरोप है कि चलित्र ने शव का अंतिम संस्कार करने की जगह दंत विभाग के पीछे झाड़ियों के पास दबा दिया।

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भीड़ ने कुत्ते से शव को छुड़वाया

Newborn bitten by dogs in PGI

शाम को करीब चार बजे कुत्ता शव को लेकर दंत विभाग के पार्किंग में पहुंच गया, जहां भीड़ ने कुत्ते से शव को छुड़वाया। साथ में मामले की सूचना पीजीआई में दी गई। सुरक्षाकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और बच्चे को जिंदा मानकर आपातकालीन कक्ष में ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। साथ में मामले की सूचना पीजीआई थाने में दी। हवलदार नवनीत पीजीआई पहुंचे और चलित्र से पूछताछ की।

पूछताछ में चलित्र ने पुलिस को बताया कि वह बेहद गरीब है। उसके पास दो वक्त की रोटी भी नहीं है। सुबह से खाना भी नसीब नहीं हुआ। सोचा कहां दफन करने जाएगा। इसलिए बच्चे का शव मिट्टी में दबा दिया। उसे क्या पता था कि कुत्ते शव को निकाल लेंगे।

शाम को पीजीआई थाना पुलिस शव को कब्जे में लेकर शीला बाईपास स्थित श्रीराम बाग श्मशान घर पहुंची और अपने पैसे से अंतिम संस्कार कराया। साथ ही चलित्र को खाना खिलवाया।

डॉ. अशोक चौहान, एमएस ने बताया कि महिला ने मृत बेटे को जन्म दिया था। नियम के तहत अंतिम संस्कार के लिए शव उसके पिता को सौंप दिया। अब उसने अंतिम संस्कार नहीं किया तो पीजीआई प्रबंधन इस बारे में क्या कर सकता है।

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