फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Must Read Punjab Police Misdeed with Public

पुलिस की ये करतूत पढ़कर शर्म आएगी आपको

Wed, 27 Aug 2014 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर Updated Wed, 27 Aug 2014 09:02 AM IST
विज्ञापन
Must Read Punjab Police Misdeed with Public

जिले में छह अगस्त को एक बच्चे को अपहरण करने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। सौभाग्य से चालीस घंटे बाद बच्चा मिल गया। पुलिस ने इस मामले में बच्चे के स्कूल की दो बसों के तीन कर्मचारियों, एक महिला सहायक और उसकी छोटी बच्ची को भी उठा लिया।

विज्ञापन


महिला को हवालात में यातना देने के साथ उसकी बेटी को बिना पानी तड़पाया गया। पुलिस ने एक दिन बाद एक दिन के बाद दोनों को छोड़ दिया।

पुलिस पर आरोप है कि स्कूल की दो बसों के उठाए गए तीन कर्मचारियों को पुलिस ने करेंट लगाए, उल्टा लटकाया और टांगों में डंडे फंसाकर उनके ऊपर खड़े होकर पीटा गया।
विज्ञापन

मानवाधिकार आयोग से न्याय दिलाने की मांग

Must Read Punjab Police Misdeed with Public

पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने अमृतसर में पुलिस द्वारा तीन लोगों को अमानवीय यातनाएं देने के आरोप में उनका मुंह बंद करने के लिए दबाव बनाने की निंदा की है। उन्होंने गहरी चिंता जताई है।

प्रो. चावला ने पंजाब मानवाधिकार आयोग को एक पत्र भी भेजा है। प्रो. चावला ने आयोग से मांग की है कि पीड़ितों को न्याय दिया जाए। तीन युवकों को करेंट लगाने की घटना की जांच पंजाब पुलिस से नहीं, किसी अन्य एजेंसी द्वारा करवाई जाए।

असली अपराधियों को ढूंढ नहीं पाई पुलिस

Must Read Punjab Police Misdeed with Public

प्रो. चावला ने अपने पत्र में कहा कि लगभग चालीस घंटे बाद वह बच्चा घर पहुंच गया। बच्चे को अपहरणकर्ता छोड़ गए या क्या हुआ, अब तक पुलिस नहीं बता सकी। असली अपराधियों को आज तक पुलिस ढूंढ नहीं पाई।

बच्चा मिलने के बाद इन तीनों को थाने से छोड़ दिया। कुछ दिन तक इनका अस्पताल में इलाज हुआ। अब भी वे उन मानसिक चोट से बाहर नहीं निकले, जो पुलिस ने इन्हें दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed