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दोस्त की ही बहन को भगा ले जाने की बनाई प्लैनिंग, लेकिन ये हुआ अंजाम
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:24 AM IST
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- फोटो : Demo Photo
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ढोलेवाल मिलिट्री कैंप के पास तीन दिन पहले रात को मृत मिले ओम प्रकाश यादव (30) की हत्या उसके साथ रहने वाले चार दोस्तों ने की थी। चारों ने तेजधार हथियार से उस पर कई वार कर उसे मौत के घाट उतारा था।
पुलिस ने ओम प्रकाश की हत्या करने के आरोप में उसके चारों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी रवि कुमार, हैप्पी, पवन कुमार निवासी मुरादपुरा और मोनू मिश्रा निवासी शिमलापुरी मठाड़ू चौक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
एडीसीपी 2 संदीप गर्ग ने कहा कि मृतक ओम प्रकाश और सभी आरोपी उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। सभी लोग करीब एक साल पहले ही महानगर में आए थे और अलग अलग इलाकों में काम करते थे। चारों एक दूसरे के घरों में भी काफी आते जाते थे। ओम प्रकाश रवि कुमार के घर आता जाता था। इसी दौरान उसके रवि की बहन के साथ प्रेम संबंध बन गए। वह जून में रवि की बहन को भगाकर उत्तरप्रदेश अपने गांव ले गया। जब रवि और उसके दोस्तों को पता चला कि आरोपी वहां गया है तो सभी लोग वहां पहुंचे। वहां पंचायत में फैसला हुआ कि ओम प्रकाश रवि की बहन को छोड़ेगा और किसी तरह का कोई संबंध नहीं रखेगा। उसके बाद सभी आरोपी महानगर लौट आए, जबकि ओम प्रकाश वहीं रुक गया।
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पुलिस ने ओम प्रकाश की हत्या करने के आरोप में उसके चारों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी रवि कुमार, हैप्पी, पवन कुमार निवासी मुरादपुरा और मोनू मिश्रा निवासी शिमलापुरी मठाड़ू चौक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
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एडीसीपी 2 संदीप गर्ग ने कहा कि मृतक ओम प्रकाश और सभी आरोपी उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। सभी लोग करीब एक साल पहले ही महानगर में आए थे और अलग अलग इलाकों में काम करते थे। चारों एक दूसरे के घरों में भी काफी आते जाते थे। ओम प्रकाश रवि कुमार के घर आता जाता था। इसी दौरान उसके रवि की बहन के साथ प्रेम संबंध बन गए। वह जून में रवि की बहन को भगाकर उत्तरप्रदेश अपने गांव ले गया। जब रवि और उसके दोस्तों को पता चला कि आरोपी वहां गया है तो सभी लोग वहां पहुंचे। वहां पंचायत में फैसला हुआ कि ओम प्रकाश रवि की बहन को छोड़ेगा और किसी तरह का कोई संबंध नहीं रखेगा। उसके बाद सभी आरोपी महानगर लौट आए, जबकि ओम प्रकाश वहीं रुक गया।
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Murder
वारदात से करीब एक सप्ताह पहले ओम प्रकाश फिर से महानगर आया और मोनू मिश्रा के पास रहने के लिए चला गया। इसी दौरान उसने रवि कुमार को धमकी दी कि वह उसकी बहन को फिर से भगाकर ले जाएगा और अब उनकी पकड़ में नहीं आएगा।
बाकी आरोपियों ने दोनों समझाकर मामला शांत करवा दिया। ओम प्रकाश ने हैप्पी से पैसे उधार मांगे। इसी दौरान रवि ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली। उसने सभी आरोपियों को अपने साथ मिला लिया। आरोपियों ने ओम प्रकाश को पैसे देने के लिए घटनास्थल पर बुलाया। वहां आरोपियों ने तेजधार हथियार से उसकी हत्या की और शव वहीं फेंक दिया।
सीसीटीवी कैमरे से पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। पुलिस ने जब उसकी जांच की तो पुलिस को कुछ सबूत मिले। पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और एक एक कर सभी को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या की वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार और बाइक बरामद की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।
बाकी आरोपियों ने दोनों समझाकर मामला शांत करवा दिया। ओम प्रकाश ने हैप्पी से पैसे उधार मांगे। इसी दौरान रवि ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली। उसने सभी आरोपियों को अपने साथ मिला लिया। आरोपियों ने ओम प्रकाश को पैसे देने के लिए घटनास्थल पर बुलाया। वहां आरोपियों ने तेजधार हथियार से उसकी हत्या की और शव वहीं फेंक दिया।
सीसीटीवी कैमरे से पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। पुलिस ने जब उसकी जांच की तो पुलिस को कुछ सबूत मिले। पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और एक एक कर सभी को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या की वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार और बाइक बरामद की है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।