हवस की भूख ने खूनी बना डाला, 3 कहानी
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सुशील कुमार और जसविंदर कौर की शादीशुदा जिंदगी में उस वक्त दरार आया जब जसविंदर कौर के मकान में किराये पर रहने वाले बगीचा सिंह निवासी समाना से अवैध संबंध बने। सुशील ने पत्नी को रोका, तो उसने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची।
24 मार्च की रात को सुशील को बहला-फुसला कर उसकी पत्नी के प्रेमी ने शराब पिला दी और फिर दोनों उसे ऑटो में बैठाकर पसियाना पुल के पास भाखड़ा नहर ले गए और वहां नहर में फेंक दिया। महिला ने अगले दिन पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना त्रिपड़ी में दर्ज करा दी।
9 नवंबर 2014 को हरविंदर सिंह निवासी शहीद ऊधम सिंह ने थाना त्रिपड़ी में सूचना दी थी कि लकड़ी का काम करने वाला उसका बड़ा भाई सुशील कुमार 24 मार्च 2008 से लापता है। उसे अपनी भाभी पर ही शक है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तो ये सनसनीखेज मर्डर केस की गुत्थी सुलझती चली गई।
इस संबंध में एसएसपी हरदियाल सिंह मान ने वीरवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया पुलिस ने खूनी जसविंदर कौर और बगीचा सिंह को काबू कर इनके खिलाफ हत्या का पर्चा दर्ज कर लिया है।
नशा देकर रस्सी से गला घोंट
एक अन्य मामले में पुलिस ने नरिंदर कुमार निवासी पटेल कालोनी के करीब एक साल से लापता बेटे बिक्रम कुमार के मामले में छानबीन की, तो सामने आया कि उसका कत्ल उसकी प्रेमिका ने अपने नए प्रेमी के साथ मिलकर कर दिया है।
एसएसपी ने बताया कि बिक्रम कुमार उर्फ हनी के बलजीत कौर निवासी फतेहगढ़ साहिब के साथ संबंध थे। बलजीत कौर के दो बच्चे थे। उसका अपने पति से तलाक का केस चल रहा था। बिक्रम बलजीत कौर पर बच्चों को छोड़ने के लिए दबाव बना रहा था। इसी दौरान बलजीत कौर के संजीव कुमार निवासी फिरोजपुर से संबंध बन गए।
बलजीत कौर ने अपने नए प्रेमी के साथ मिलकर बिक्रम सिंह को रास्ते से हटाने और उसके खाते में पड़े चार लाख रुपये हड़पने की साजिश रची। बलजीत ने अपने नए प्रेमी व अन्य साथियों के साथ मिलकर 18 नवंबर 2013 की रात को बिक्रम के खाने में नशा देकर उसका गला रस्सी से घोंट दिया और बाद में लाश को नहर में फेंक दिया था।
महिला, उसके नए प्रेमी और उसके एक साथी को पुलिस ने काबू कर लिया है। इनके पास से बिक्रम का मोटरसाइकिल, मोबाइल और आधार कार्ड मिला है।
फंदा लगने से मौत हुई थी
अनवरी बेगम की शादी 17 साल पहले युसूफ अली निवासी गांव सील के साथ हुई थी। उसकी मौत 28 अगस्त 2013 को हुई थी। अनवरी के पिता हाकम अली ने मंजे की दौन में गर्दन फंसने से उसकी मौत होने संबंधी बयान दिया था।
पुलिस ने मामले में धारा 174 के तहत कार्रवाई की थी। मामला संदिग्ध होने के चलते जब जांच की गई, तो सामने आया कि अनवरी बेगम का उसके पति युसूफ अली से झगड़ा था।
अनवरी की फंदा लगने से मौत हुई थी। लेकिन पति ने मंजे पर डालकर गर्दन इसकी दौन में दे दी थी और इसे दुर्घटना दिखा दिया था। पुलिस ने पति के खिलाफ हत्या का पर्चा दर्ज करके उसे काबू कर लिया है।