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हाथ पकड़कर सुखना लेक में मां बेटी ने लगाई छलांग, मां की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 07 Oct 2017 03:18 PM IST
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हाथ पकड़कर सुखना लेक में मां बेटी ने लगाई छलांग
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बेटी की बीमारी से परेशान पंचकूला सेक्टर-10 निवासी मां-बेटी ने शुक्रवार रात सुखना लेक में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने यह देखकर शोर मचा दिया। तत्काल दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और उन्हें बचाने के लिए सुखना में छलांग लगा दी। उन्होंने दोनों को बाहर निकाला और उन्हें उल्टा कर शरीर में घुसा पानी निकाला। इसके बाद दोनों को जीएमएसएच-16 अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने वृद्धा को मृत घोषित कर दिया, वहीं बेटी अस्पताल में भर्ती है।
जानकारी के अनुसार पंचकूला सेक्टर-10 निवासी ऊषा देवी (65 वर्ष) बेटी आरती (39 वर्ष) के साथ रहती थीं। आरती का दस साल का बेटा भी है। आरती के पति पुणे में आईबीएम में काम करते हैं। करीब दो साल पहले आरती को ब्रेन हैमरेज की बीमारी डॉक्टरों ने बताई थी। इसके बाद से दोनों मां-बेटी परेशान रहती थी। शुक्रवार शाम दोनों मां-बेटी थ्री व्हीलर से चंडीगढ़ लेक पहुंचीं। दोनों सुखना लेक पुलिस चौकी के पास ही पीपल के पेड़ के नजदीक किनारे बैठ गईं।
वॉक कर रहे लोगों के अनुसार, दोनों किसी बात को लेकर परेशान थीं और रोए जा रही थीं। इसके बाद पौने नौ बजे के करीब अचानक दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा और लेक में छलांग लगा दी। लोगों ने शोर मचाया तो लेक चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल बलविंदर सिंह और कांस्टेबल बलविंदर वहां पहुंच गए। उन्होंने छलांग लगाकर दोनों को लेक से बाहर निकाला और दोनों को उल्टा कर उनके शरीर में घुसा पानी निकाला।
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जानकारी के अनुसार पंचकूला सेक्टर-10 निवासी ऊषा देवी (65 वर्ष) बेटी आरती (39 वर्ष) के साथ रहती थीं। आरती का दस साल का बेटा भी है। आरती के पति पुणे में आईबीएम में काम करते हैं। करीब दो साल पहले आरती को ब्रेन हैमरेज की बीमारी डॉक्टरों ने बताई थी। इसके बाद से दोनों मां-बेटी परेशान रहती थी। शुक्रवार शाम दोनों मां-बेटी थ्री व्हीलर से चंडीगढ़ लेक पहुंचीं। दोनों सुखना लेक पुलिस चौकी के पास ही पीपल के पेड़ के नजदीक किनारे बैठ गईं।
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वॉक कर रहे लोगों के अनुसार, दोनों किसी बात को लेकर परेशान थीं और रोए जा रही थीं। इसके बाद पौने नौ बजे के करीब अचानक दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा और लेक में छलांग लगा दी। लोगों ने शोर मचाया तो लेक चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल बलविंदर सिंह और कांस्टेबल बलविंदर वहां पहुंच गए। उन्होंने छलांग लगाकर दोनों को लेक से बाहर निकाला और दोनों को उल्टा कर उनके शरीर में घुसा पानी निकाला।
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बेटी की बीमारी से परेशान थी महिला
इसी दौरान सूचना पर पीसीआर भी मौके पर पहुंच गई और मां बेटी को जीएमएसएच-16 ले गई। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने वृद्धा ऊषा देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं समय रहते पुलिसकर्मियों द्वारा आरती के पेट से पानी निकाल लिए जाने से डॉक्टरों ने उसे बचा लिया। डॉक्टरों के अनुसार आरती की हालत ठीक है।
देर रात सूचना पर डीएसपी सेंट्रल रामगोपाल भी अस्पातल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि वृद्धा के रिश्तेदारों को घटना की सूचना दे दी गई है। वहीं बेटी को अभी मां की मौत के बारे में नहीं बताया गया है।
उनके अनुसार शुरुआती जांच और आरती से पूछताछ में बेटी की बीमारी के कारण दोनों के लेक में छलांग लगाने की बात सामने आई है। फिलहाल उनके रिश्तेदारों के आने के बाद ही पूरी बात सामने आ पाएगी। हालांकि अभी उन्हें घटना की जानकारी दी गई है, लेकिन ऊषा देवी की मौत के बारे में अभी उन्हें भी नहीं बताया गया है।
देर रात सूचना पर डीएसपी सेंट्रल रामगोपाल भी अस्पातल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि वृद्धा के रिश्तेदारों को घटना की सूचना दे दी गई है। वहीं बेटी को अभी मां की मौत के बारे में नहीं बताया गया है।
उनके अनुसार शुरुआती जांच और आरती से पूछताछ में बेटी की बीमारी के कारण दोनों के लेक में छलांग लगाने की बात सामने आई है। फिलहाल उनके रिश्तेदारों के आने के बाद ही पूरी बात सामने आ पाएगी। हालांकि अभी उन्हें घटना की जानकारी दी गई है, लेकिन ऊषा देवी की मौत के बारे में अभी उन्हें भी नहीं बताया गया है।