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मोरनी गैंगरेप पीड़िता चीफ जस्टिस से बोली- रसूखदार प्रभावित कर रहे हैं पंचकूला पुलिस की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Jul 2018 09:41 AM IST
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मोरनी गैंगरेप की पीड़िता ने पंचकूला पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए केस की जांच और उसकी सुरक्षा का जिम्मा चंडीगढ़ पुलिस को सौंपने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से गुहार लगाई है। चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में पीड़िता ने कहा कि पंचकूला पुलिस बड़े रसूखदारों के प्रभाव में है। जांच को सही दिशा में ले जाने के स्थान पर इसे प्रभावित किया जा रहा है। ऐसे में चंडीगढ़ पुलिस ही इस केस की सही जांच करने में सक्षम है।
पीड़िता ने चीफ जस्टिस के नाम लिखे पत्र में कहा है कि पंचकूला पुलिस शुरू से ही इस मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया है। जब पीड़िता अपनी शिकायत लेकर पंचकूला पुलिस के पास पहुंची थी तो उसकी शिकायत तक दर्ज करने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी थी और चंडीगढ़ पुलिस ने मनीमाजरा में जीरो एफआईआर के तहत मामला दर्ज किया था। अब इस केस की जांच पंचकूला पुलिस कर रही है, जिस पर उसे बिलकुल भरोसा नहीं है।
पीड़िता ने कहा कि जिस प्रकार पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है उससे उसे खतरा है कि कहीं पंचकूला पुलिस उसे मरवा न दे। पीड़िता ने कहा कि उसे नाम के लिए सुरक्षा दी गई है लेकिन सुरक्षा में तैनात जवान भी पंचकूला पुलिस के हैं। लिहाजा उसे चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा दी जाए और जब भी पंचकूला पुलिस उसे पूछताछ के लिए बुलाए तो उसे चंडीगढ़ पुलिस की निगरानी में ही भेजा जाए।
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पीड़िता ने कहा कि वह चाहती है कि उसे इंसाफ मिले और पंचकूला पुलिस की जांच में यह संभव नहीं है। इस केस की बिना प्रभावित हुए जांच करने में केवल चंडीगढ़ पुलिस ही सक्षम है। ऐसे में चीफ जस्टिस से निवेदन किया गया कि जांच और सुरक्षा चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दी जाए।
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पीड़िता ने चीफ जस्टिस के नाम लिखे पत्र में कहा है कि पंचकूला पुलिस शुरू से ही इस मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया है। जब पीड़िता अपनी शिकायत लेकर पंचकूला पुलिस के पास पहुंची थी तो उसकी शिकायत तक दर्ज करने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी थी और चंडीगढ़ पुलिस ने मनीमाजरा में जीरो एफआईआर के तहत मामला दर्ज किया था। अब इस केस की जांच पंचकूला पुलिस कर रही है, जिस पर उसे बिलकुल भरोसा नहीं है।
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पीड़िता ने कहा कि जिस प्रकार पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है उससे उसे खतरा है कि कहीं पंचकूला पुलिस उसे मरवा न दे। पीड़िता ने कहा कि उसे नाम के लिए सुरक्षा दी गई है लेकिन सुरक्षा में तैनात जवान भी पंचकूला पुलिस के हैं। लिहाजा उसे चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा दी जाए और जब भी पंचकूला पुलिस उसे पूछताछ के लिए बुलाए तो उसे चंडीगढ़ पुलिस की निगरानी में ही भेजा जाए।
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पीड़िता ने कहा कि वह चाहती है कि उसे इंसाफ मिले और पंचकूला पुलिस की जांच में यह संभव नहीं है। इस केस की बिना प्रभावित हुए जांच करने में केवल चंडीगढ़ पुलिस ही सक्षम है। ऐसे में चीफ जस्टिस से निवेदन किया गया कि जांच और सुरक्षा चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दी जाए।