तीखे सवालों से परखी रोहतक की बहनों की सच्चाई
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क्या कभी चोरी की है...? क्या कभी झूठ बोला है...? क्या आरोपी कुलदीप ने कंधे पर हाथ रखा था...? वीडियो अपने मोबाइल से बनवाया या बनाया...? बस में कथित मारपीट और छेड़छाड़ मामले में पीड़ित पक्ष दोनों बहनों आरती और पूजा से इस तरह के दर्जनभर सवाल पूछे गए।
सोमवार को दोनों बहनों का सीबीआई मुख्यालय की लैब में साढ़े तीन घंटे पॉलीग्राफ टेस्ट हुआ। बता दें कि मामले में तीनों आरोपी आसन निवासी कुलदीप, मोहित और दीपक का पहले ही पॉलीग्राफ टेस्ट हो चुका है।
इससे पहले, सोमवार सुबह एसआईटी सदस्य इंस्पेक्टर गरिमा व परिजनों के साथ दोनों बहनें दिल्ली में लोधी रोड स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंची। टेस्ट से पहले पूजा से 20 और आरती से 40 मिनट तक अलग-अलग पूछताछ की गई।
दोनों से 28 नवंबर को बस में हुए पूरे मामले के बारे में जानकारी ली। पूछताछ 12 बजे तक चली। 2 बजे से दोनों बहनों का पॉलीग्राफ टेस्ट शुरू हुआ। पूजा से दो घंटे और आरती से डेढ़ घंटे पूछताछ चली।
अधिकारियों ने इन प्रश्नों को घूमा-घूमा कर पूछा
पॉलीग्राफ टेस्ट में पूजा और आरती से बस में छेड़छाड़ और मारपीट मामले को लेकर कम ही बातचीत की गई। बहनों के पिता राजेश व एडवोकेट अतर सिंह ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने 10-12 प्रश्नों को 4-5 बार घूमा-घूमा कर पूछा।
पूछा कि जीवन में क्या क्या किया है?, क्या कभी चोरी तो नहीं की है?, क्या कभी झूठ तो नहीं बोला है?, क्या कुलदीप ने कंधे पर हाथ रखा था? वीडियो अपने मोबाइल से बनाया या बनवाया गया? ऐसे 12 प्रश्नों को ही घूमा-घूमाकर पूछते रहे।
बता दें कि दोनों बहनों ने ही अदालत में याचिका लगाकर आरोपियों और गवाहों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। कहा था, वे दोनों भी टेस्ट के लिए तैयार हैं। याचिका पर कोर्ट ने एसआईटी को टेस्ट की अनुमति दी थी।
गवाहों का भी हो सकता है टेस्ट
एसआईटी जांच कर रही है कि शपथ पत्र देने वालों (गवाह) व आरोपियों के बीच कहीं कोई रिश्तेदारी तो नहीं है। दोनों बहनों ने भी गवाहों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। एसआईटी सूत्रों की मानें तो गवाहों का भी पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जा सकता है।