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जाली सर्टिफिकेट से सेना और पनबस में हासिल की नौकरी, ऐसे खुली पोल
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:29 PM IST
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- फोटो : demo
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जाली सर्टिफिकेट से सेना और पनबस में नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। ये खुलासा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा उक्त लोगों के सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन से हुआ है। बोर्ड ने इस संबंध में दोनों विभागों को सूचित कर दिया है। साथ ही उक्त लोगों को ब्लैकलिस्ट क़र दिया है।
जानकारी के मुताबिक, नवंबर में सेना भर्ती बोर्ड लुधियाना और पनबस से सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए पीएसईबी के पास भेजे गए थे। इस दौरान जांच में तीन सर्टिफिकेट जाली पाए गए। एक सर्टिफिकेट में टेंपरिंग की गई थी। जिस सर्टिफिकेट में टेंपरिंग की गई थी, वह 1992 का था। जबकि उसे 1994 किया गया था। इसी तरह सेना से आया 10वीं का सर्टिफिकेट भी जांच में जाली पाया गया। बोर्ड द्वारा इन सर्टिफिकेट को जारी नहीं किया गया था। इसी तरह पनबस की तरफ से भेजा गया एक सर्टिफिकेट भी जाली पाया गया। यह 1988 में जारी किया था। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने अपनी रिपोर्ट उक्त विभागों को भेज दी है। आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी।
60 से अधिक जाली सर्टिफिकेट पकड़े
इससे पहले बोर्ड द्वारा एक साल में करीब 60 जाली सर्टिफिकेट पकड़े गए थे। इनमें पंजाब पुलिस, सेना, रेलवे, पटियाला यूनिवर्सिटी, निकाय विभाग समेत कई विभाग शामिल हैं।
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मटौर पुलिस ने भी पकड़ा था गिरोह
इससे पहले मटौर थाने की पुलिस ने भी जाली सर्टिफिकेट बनाने वाला गिरोह काबू किया था। गिरोह से बोर्ड ने सैकड़ों सर्टिफिकेट पकड़े थे। इस मामले में पुलिस की जांच चल रही है।
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जानकारी के मुताबिक, नवंबर में सेना भर्ती बोर्ड लुधियाना और पनबस से सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए पीएसईबी के पास भेजे गए थे। इस दौरान जांच में तीन सर्टिफिकेट जाली पाए गए। एक सर्टिफिकेट में टेंपरिंग की गई थी। जिस सर्टिफिकेट में टेंपरिंग की गई थी, वह 1992 का था। जबकि उसे 1994 किया गया था। इसी तरह सेना से आया 10वीं का सर्टिफिकेट भी जांच में जाली पाया गया। बोर्ड द्वारा इन सर्टिफिकेट को जारी नहीं किया गया था। इसी तरह पनबस की तरफ से भेजा गया एक सर्टिफिकेट भी जाली पाया गया। यह 1988 में जारी किया था। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने अपनी रिपोर्ट उक्त विभागों को भेज दी है। आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी।
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60 से अधिक जाली सर्टिफिकेट पकड़े
इससे पहले बोर्ड द्वारा एक साल में करीब 60 जाली सर्टिफिकेट पकड़े गए थे। इनमें पंजाब पुलिस, सेना, रेलवे, पटियाला यूनिवर्सिटी, निकाय विभाग समेत कई विभाग शामिल हैं।
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मटौर पुलिस ने भी पकड़ा था गिरोह
इससे पहले मटौर थाने की पुलिस ने भी जाली सर्टिफिकेट बनाने वाला गिरोह काबू किया था। गिरोह से बोर्ड ने सैकड़ों सर्टिफिकेट पकड़े थे। इस मामले में पुलिस की जांच चल रही है।