असम में स्कूल जा रही किशोरी अगवा, 21 दिन बाद हरियाणा में मिली, एक लाख रुपये में बेची गई थी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा) Updated Fri, 20 Nov 2020 09:03 PM IST
विज्ञापन
मानव तस्करी।
मानव तस्करी। - फोटो : Amar ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
मानव तस्करी करने वाले गिरोह ने असम से 15 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर उसे हरियाणा के आदमपुर में एक लाख रुपये में बेच दिया। खरीदने वाले ने जबरन किशोरी से शादी की और उसका यौन शोषण करता रहा। 
विज्ञापन

कुछ दिन पहले किशोरी व्यक्ति के चंगुल से किसी तरह से बचकर डिंग पुलिस थाने पहुंची। महिला थाने में केस दर्ज कर उसे बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया। बाल कल्याण समिति ने असम पुलिस को इसकी सूचना दी और काफी प्रयास के बाद उसके परिजनों का पता लिया गया। परिजन असम पुलिस के साथ सिरसा पहुंचे, जहां बाल कल्याण समिति ने नाबालिग को परिजनों के हवाले कर दिया। असम की धुबड़ी थाना पुलिस ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  
बाल कल्याण समिति के अनुसार नाबालिग को ठीक तरह से हिंदी बोलनी नहीं आती थी, लेकिन वह हिंदी अच्छे से समझ सकती थी। डिंग थाना पुलिस ने असमिया भाषा जानने वाले शख्स को बुलाया। इसके बाद उस शख्स के माध्यम से नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह सातवीं कक्षा में पढ़ती है। 30 अक्तूबर को वह स्कूल से घर लौट रही थी कि रास्ते में तीन युवक उसे जबरन उठाकर ले गए। इसके बाद उन युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। 

आरोपी उसे हरियाणा के आदमपुर में ले आए और यहां एक लाख रुपये में एक आदमी को बेच दिया। उस आदमी ने उससे जबरन शादी रचाई और उसका यौन शोषण करने लगा। एक दिन मौका पाकर वह उस व्यक्ति की कैद से भागने में कामयाब हो गई। इसके बाद एक बस में बैठ गई। 

इसी दौरान सड़क पर उसे थाना दिखा। बस वहीं रुकी थी। वह नीचे उतरी और सीधे थाने में चली गई। वहां उसने पुलिस कर्मचारियों को सारी घटना बताई। इसके बाद डिंग पुलिस उसे महिला थाना लेकर आई और बाल कल्याण समिति को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

नाबालिग को अपने पिता का मोबाइल नंबर याद था। हमने उस नंबर पर फोन करके लड़की की उसके परिजनों से बात करवाई। इसके बाद 17 नवंबर को असम पुलिस के साथ उसके पिता यहां आए। समिति ने नाबालिग को असम पुलिस व उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। - अनीता वर्मा, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति सिरसा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X