पत्नी-बेटे के सामने टाइपिस्ट की पीट-पीटकर हत्या, कंट्रोल रूम में मिलाया फोन, दो घंटे तक नहीं उठा
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कोसली थाना के गांव सुधराना में कूड़ा डालने के विवाद में दस दिन पूर्व हुए विवाद में रविवार रात को चार लोगों ने घर में घुसकर युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीट कर हत्या कर दी। इस दौरान मृतक की पत्नी व बेटे हमलावरों से दया याचना मांगते रहे पर उन्होंने इनको भी नहीं बख्शा। अहम बात ये रही कि झगड़े के दौरान घर के सदस्य पुलिस कंट्रोल रूम का फोन मिलाते रहे पर दो घंटे तक कोई सहायता नहीं मिली। समय से यदि पुलिस मौके पर पहुंच जाती तो शायद युवक की जान बच सकती थी।
कोसली के गांव सुधराना निवार निवासी सुरेंद्र कुमार मेवात जिले के नूंह कोर्ट में टाइपिस्ट के पद पर तैनात था। शनिवार व रविवार को कोर्ट की छुट्टी होने के कारण वह अपने घर आया हुआ था। सोमवार सुबह उसे अपनी ड्यूटी पर जाना था लेकिन रात को ही उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार रविवार रात को 10: 30 बजे उसके घर की दीवार फांदकर चार नकाबपोश घर में घुस आए।
इन लोगों ने घर में घुसते ही सुरेंद्र पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। एक साथ चार लोगों के हमले से सुरेंद्र अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। इस दौरान सुरेंद्र की पत्नी व बेटे हमलावरों के चंगुल से उसे छुड़ाने का प्रयास करने लगे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों हमलावर वहां से फरार हो गए। उधर, सुरेंद्र की पत्नी ने पुलिस कंट्रोल नंबर पर फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
काफी प्रयास के बाद फोन न उठने पर उसने नूहं स्थित कोर्ट के रीडर को फोनकर उनको सारी जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। करीब दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने सुरेंद्र को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
डीएसपी जमाल खान ने बताया कि सुरेंद्र की पत्नी की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक सुरेंद्र की पत्नी सीमा ने बताया कि हमलावरों में से एक को उसने पहचान लिया है।
हमला करने के दौरान जब आरोपी आपस में बातचीत कर रहे थे तो उसकी आवाज से उसे पहचाना था। सुरेंद्र की हत्या के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। गांव में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। एतिहात के तौर पर गांव में पुलिस को तैनात किया गया है। हालांकि पुलिस ने गांव के मौजिज लोगों से सपंर्क कर शांति की अपील की है।
दस दिन पहले हुए झगड़े में पुलिस चौकी में हुआ था समझौता
सुरेंद्र की पत्नी सीमा ने बताया कि करीब 10 दिन पूर्व गली में कूड़ा डालने को लेकर पड़ोसी परिवार के साथ उनका झगड़ा हुआ था। मामला पुलिस तक भी पहु्चां था लेकिन नाहड़ पुलिस चौकी में दोनों परिवारों को बैठाकर समझौता करा दिया गया था। उसके बाद से ही आरोपी रंजिश पाले हुए थे लेकिन उन्हें यह आभास नहीं था कि छोटी सी बात में जान ले लेंगे।
समय पर पहुंचती पुलिस तो बच जाती जान
रविवार रात को 10:30 बजे ये वारदात हुई। मृतक की पत्नी सीमा ने इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर पर कई बार फोन किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली तो उसने नूंह कोर्ट में न्यायाधीश के रीडर को फोन कर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस को फोन किया गया तब रात 12 बजे के करीब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। सीमा ने बताया कि यदि पुलिस जल्द आ जाती तो सुरेंद्र को जल्द ही अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। जिससे शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।