फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   marchent navy office killed wife for dowry, imprisonment for seven years

मर्चेंट नेवी में था, अब मां-बाप और बहन के साथ जेल में रहेगा, बीवी बनी वजह

Fri, 12 Jan 2018 04:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Fri, 12 Jan 2018 04:50 PM IST
विज्ञापन
marchent navy office killed wife for dowry, imprisonment for seven years
दहेज हत्या में जेल में कैद पति
मर्चेंट नेवी में तैनात था, लेकिन दहेज के लिए बीवी को तंग किया और उसने सुसाइड कर ली। अब वह अपने मां-बाप और बहन के साथ जेल में रहेगा। मामला मोहाली का है। करीब 18 महीने पहले बबीता नाम की विवाहिता को जाने से मारने के मामले में जिला अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतका के आदर्श नगर खरड़ निवासी पति, सास-ससुर और ननद को दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है।
विज्ञापन


दोषियों में मृतका का पति नवदीप मल्होत्रा, ससुर अशोक मल्होत्रा, सास उर्मिला मल्होत्रा व विवाहिता ननद मोनिका मल्होत्रा शामिल है। अदालत ने उक्त लोगों को आईपीसी की धारा 304, 34 के तहत दोषी ठहराया है। नए साल में यह पहला मामला है, जब पूरे परिवार को जेल भेजा गया है। मृतका का पति मर्चेंट नेवी में तैनात था। जबकि ससुर बिजली बोर्ड से रिटायर है। मृतका के परिजनों ने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट हैं, लेकिन उनकी बेटी वापस नहीं आएगी।
विज्ञापन


पुलिस को दी शिकायत में मृतका के परिजनों ने बताया था कि उनकी बेटी बबीता की शादी 27 नवंबर 2014 को हुई थी। इस दौरान उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज दिया था। इसी बीच उनकी बेटी की ननद की शादी तय हो गई थी। इसके बाद बबीता के ससुराल वाले उन पर बीस लाख देने का दबाव बना रहे थे। उनका कहना था कि होने वाले दामाद और बेटी को महंगी कार देनी है। परिजनों ने बताया कि 17 जून 2016 को दोपहर के समय उनकी बेटी का फोन आया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटी ने उन्हें फोन पर बताया कि ससुराल वाले पैसे की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जल्दी पैसे लेकर आएं। परिवार वालों का कहना है कि रात को आठ बजे बेटी के ससुराल जाने वाले थे। इसी बीच शाम पांच बजे उनके दामाद का फोन आया कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। बेटी ने घर के ऊपर वाले कमरे में फंदा लगा लिया। इसके बाद बबीता का भाई सुनील और पिता राजकुमार खरड़ स्थित बेटी के घर गए। जब वह मौके पहुंचे तो ससुराल वालों ने शव नीचे उतार लिया था।

इस दौरान उन्होंने देखा कि मृतका के गले से खून बह रहा था। जब उन्होंने इस बारे में दामाद से पूछा तो वह उलझ गया। उसका कहना था कि जो उन्होंने करना था, कर लिया। अब जो उन्हें करना है, वह कर लें। इसके बाद उन्हें विश्वास हो गया उनकी बेटी की हत्या की गई है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था।

मृतका की तीन माह की थी बेटी
परिवार वालों ने बताया कि बेटी की जब मौत हुई थी, उस समय उसकी तीन माह की बेटी थी। उन्होंने बताया कि आरोपी छह महीने बाद जब ड्यूटी से आता था तो बेटी से मारपीट करता था। दहेज के लिए तंग करता था।


सजा सुनने से पहले सास हुई बेहोश
अदालत द्वारा जैसे ही आरोपियों को सजा सुनानी शुरू की गई तो अचानक मृतका की सास उर्मिला मल्होत्रा बेहोश होकर नीचे गिर पड़ी। उसे सिविल अस्पताल फेज-6 में भेजा गया। अस्पताल में चेकअप के बाद उसे एंबुलेंस से अदालत ले जाया गया। बाद में अदालत ने डाक्टरों की मौजूदगी में उर्मिला मल्होत्रा को सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed