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मां की हत्या, गर्भ से जीवित निकली बेटी
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sat, 18 Jan 2014 12:44 PM IST
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शादी का एक साल ही गुजरा था। घर में सब कुछ ठीकठाक चल रहा था और आंगन में जल्द ही किलकारी गूंजने वाली थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच ऐसा झगड़ा हुआ कि पति ने गुस्से में आकर आठ माह की गर्भवती पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से कई वार कर दिए।
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लहूलुहान हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गई।
गनीमत यह रही कि डाक्टरों ने महिला के दम तोड़ने से पहले ही आपरेशन कर गर्भ में पल रही बच्ची को बचा लिया। फिलहाल बच्ची अस्पताल में भर्ती है। घटना पिंजौर के गांव गुमथला की है। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और पिंजौर थाने में ही उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
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एक महीने से चल रही थी अनबन
पुलिस के मुताबिक, कालका के गांव पपलोहा में रहने वाली रीना (24) की करीब एक साल पहले पिंजौर के गांव गुमथला निवासी रामकुमार के साथ शादी हुई थी। वह गांव में ही खेतीबाड़ी करता है। शादी के बाद सब ठीकठाक चल रहा था, लेकिन करीब एक महीने से पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई। छोटी-छोटी बात पर बहस होती थी। 15 जनवरी को रीना अपने पति के साथ मायके भी गई थी। शाम तक दोनों वहीं रहे और उसके बाद वापस आ गए। उसी रात करीब नौ बजे फिर से झगड़ा हुआ।
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रॉड मारने के बाद भाई से कहा, रीना को बचा लो
रामकुमार एक संयुक्त परिवार में घर की पहली मंजिल पर रहता है। 15 जनवरी की रात दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। आखिरकार, रामकुमार ने लोहे की भारी राड से रीना के सिर पर कई वार किए और नीचे आ गया। यहां अपने भाई से कहा कि रीना को चोट लगी है, उसे बचा लो। इसके बाद घर के सदस्य छत पर गए और आनन-फानन में रीना को पंचकूला सेक्टर-21 के निजी अस्पताल पहुंचाया। यहां रीना ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। हालांकि, रीना की मौत से पहले ही डॉक्टरों ने आपरेशन कर बच्ची को बचा लिया था। बाद में पुलिस ने सेक्टर-6 जनरल अस्पताल पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
मायके वालों को अगले दिन मिली जानकारी
सेक्टर-6 अस्पताल में मौजूद मृतका के पिता बाबू राम ने बताया कि उनकी बेटी ने कभी झगड़े के बारे में नहीं बताया। 15 जनवरी को दोनों उनके पास आए थे। उसी रात बेटी के साथ यह वारदात हुई, लेकिन दामाद के भाई ने अगले दिन उन्हें सूचना दी। बाबू राम के मुताबिक, दामाद के भाई ने बताया कि भाई ने मारा है। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे।
सिर पर भारी लोहे से प्रहार किया गया। प्रहार एक से ज्यादा बार किए गए। शरीर पर अन्य किसी जगह कोई चोट नहीं है।
- डॉ. सुनील गंभीर, फारेंसिक एक्सपर्ट, जनरल अस्पताल