गुरदासपुर में अकाली सरपंच ने दी धमकी, कांग्रेसी ने जहर खाकर जान दी
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गुरदासपुर के थाना दोरांगला अधीन पड़ते गांव बैंस में एक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने इसके पीछे राजनीतिक रंजिश का हवाला देते हुए गांव के अकाली सरपंच पर धमकाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान गांव बैंस के गुरदेव सिंह के रूप में हुई है।
थाना दोरांगला में मृतक के भतीजे जरमनजीत सिंह के बयान के आधार पर सरपंच हरपाल सिंह, उसके बेटे कंवरप्रीत सिंह के अलावा गुरभेज सिंह और जुझार सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
जरमनजीत सिंह की ओर से पुलिस को दिए बयान में कहा गया है कि उसके पिता हरदेव सिंह ने इस बार सरपंची का चुनाव लड़ा था। चुनावी रंजिश के चलते हुए झगड़े में उसके पिता इस समय जेल में हैं। शनिवार शाम करीब 5 बजे वह चाचा गुरदेव के साथ खेतों में काम निपटा कर लौट रहे थे। रास्ते में सरपंच हरपाल सिंह, उसका बेटा कंवरप्रीत सिंह सहित दो अन्य गुरभेज सिंह और जुझार सिंह ने उन्हें ताना मारते हुए कहा कि आप कहते हो कि सरकार हमारी है।
हमें कोई पकड़ नहीं सकता लेकिन हमने तो हरदेव सिंह उर्फ देबा को जेल भेज ही दिया है और आपको भी जेल भेजकर छोड़ेंगे। हमें मारने की धमकियां देकर जलील किया गया लेकिन मैं चाचा को समझा बुझाकर घर छोड़ आया। रात करीब दो बजे उसके चाचा की बेटी का फोन आया कि गुरदेव सिंह ने कोई दवा खा ली है।
इसके बाद वे गुरदेव सिंह को गुरदासपुर के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। जरमनजीत सिंह के बयान के आधार पर दोरांगला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 304, 506 और 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है। सभी आरोपी फरार हैं।
गौर रहे कि पंचायत चुनाव में मौजूदा सरपंच हरपाल सिंह ने अकाली दल की तरफ से पंचायत चुनाव लड़ा था, जबकि हरदेव सिंह उर्फ देबा ने कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ा था। अकाली दल के हाथों मिली हार के बाद दोनों में चुनावी रंजिश के चलते झगड़ा होने पर हरदेव सिंह देबा के खिलाफ इरादा कत्ल का केस दर्ज हुआ था। इसी केस में वह इस समय जेल में है।