घर से भागे, शादी की, सुसाइड नोट लिखा..और जान दे दी
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एक सप्ताह से लापता प्रेमी युगल का शव सोहांसड़ा गांव में रेलवे स्टेशन के नजदीक एक सरसों के खेत में पेड़ पर लटकते मिले। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें दोनों ने अपनी शादी का जिक्र किया है। साथ ही मर्जी से खुदकुशी करने की बात लिखी है। पुलिस ने इत्तफाकिया मौत का पर्चा दर्ज किया है। घटना हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू गांव की है।
बुधवार सुबह लड़का-लड़की के शवों को पेड़ लटकता देखकर सोंहासड़ा गांव में हड़कंप मच गया। लड़के की उम्र 22-23 साल और लड़की की लगभग 17 वर्ष। मृतकों के पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर दोनों की पहचान झुप्पा खुर्द के रूप में हुई है। युवक तथा युवती दोनों 11 मार्च से गांव से फरार थे।
उसी दिन युवती के पिता ने लोहारू पुलिस थाने में छात्रा के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। लड़की दसवीं कक्षा की छात्रा बताई जा रही है जबकि लड़का पढ़ाई छोड़ चुका था।
मामले की गंभीरता को समझते हुए लोहारू पुलिस ने दोनों के परिजनों को बुलाकर व एफएसएल की टीम की मौजूदगी में शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए लोहारू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। यहां उनके पिता के बयान दर्ज कर सीआरपीसी 174 की कार्रवाई करते हुए शवों परिजनों को सौंप दिया। युवती के पिता तथा युवक के पिता ने कहा कि इसमें किसी का कसूर नहीं है। जो होना था सो हो गया। दोनों ने घटना पर दुख जताया।
जय सिंह, थाना प्रभारी, लोहारू ने बताया कि छात्रा एक सप्ताह से लापता थी। लोहारू थाने में गुमशुदगी दर्ज थी। दोनों के परिजनों व एफएसएल की टीम को बुलाकर शवों को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीआरपीसी 174 की कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
दोनों ने मार्मिक अंदाज में लिखा सुसाइड नोट
सुसाइड नोट में दोनों ने मार्मिक अंदाज में लिखा है कि शायद इतनी ही हमारी जिंदगी थी। हमने पहले ही सोच लिया था कि मरना है। हमारे पास 10 हजार रुपये थे। सोच लिया था कि कहीं दूर चले जाएं, जब पैसे खत्म हो जाएंगे, तब मर जाएंगे। यह भी लिखा है कि पहले ही ठान लिया था कि पैसे खत्म होने के बाद घर नहीं जाएंगे। हम खुशी से और हंसते-हंसते जान दे रहे हैं।
सुसाइड नोट में लिखा है कि हमें घरवालों से कोई लेना-देना नहीं है। हम बेदखल हैं। हमने शादी कर ली है। बस हमारा यही सपना था कि एक-दूसरे के लिए जीएंगे और मरेंगे, जो हमने पूरा किया है।
दोनों ने अपने साथी-मित्रों को भी याद किया। उन्हें प्रणाम और अलविदा भी कहा। यह भी लिखा है कि साथ में हमने सात अच्छे दिन बिताए। हम अपनी मौत के लिए खुद जिम्मेदार हैं। हम नहीं चाहते कि हमारी वजह से हमारे परिवार वाले और कोई बेकसूर परेशान हो।
अंतिम इच्छा, एक जगह हो संस्कार
सुसाइड नोट में दोनों ने अपनी अंतिम इच्छा का भी जिक्र किया है। लिखा है कि हो सके तो हमारा अंतिम संस्कार एक जगह करना। बस यही आखिरी ख्वाहिश है हमारी। दोनों ने अपने नाम लिखे हैं और तीन-तीन मोबाइल नंबर भी लिखे हैं। एक पेज के इस सुसाइड नोट में जगह नहीं मिली तो साइड में लिखा कि वे एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। इसलिए अपनी जान दे रहे हैं। इसी में वे खुश हैं।