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एनआरआई की हत्या में दंपति को उम्रकैद
अमर उजाला मोहाली
Updated Sat, 11 Jan 2014 01:26 AM IST
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जिला अदालत द्वारा शुक्रवार को एनआरआई सुरिंदर सिंह की हत्या मामले में एक दंपति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। दंपति पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अगर वे जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें जेल में छह महीने और बिताने होंगे।
जिला अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलें को सुनने के बाद अमनदीप कुमार और अमरजीत कौर को दोषी पाया। यह दंपति खरड़ के रहने वाले हैं। हत्या का मामला थाना खरड़ में दो अप्रैल 2011 में दर्ज हुआ था। उस समय महिंदर सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह तीन भाई थे।
उसका छोटा भाई सुरिंदर सिंह कैलिफोर्निया में परिवार समेत रहता था। कुछ समय पहले वह विदेश से आया था। उसकी पहले सन्नी इन्क्लेव में भी कोठी थी, जो उसने बाद में बेच दी थी। इसी बीच उसके भाई की अमरजीत कौर नाम की महिला से जान पहचान हो गई।
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इसके बाद उसने अमरजीत कौर एवं अमनदीप की मदद से 2010 में एनआरआई कॉलोनी खरड़ में कोठी खरीद ली। साथ ही वे दोनों भी उसके भाई के साथ रहने लगे। अचानक अप्रैल 2011 में उसे अमनदीप का फोन आया कि उसके भाई की तबीयत ठीक नहीं है। फिर एक घंटे बाद फोन आया कि उसके भाई सुरिंदर सिंह की मौत हो गई है। उसने पारिवारिक मेंबरों को इसकी सूचना दी।
जब वह वहां पहुंचे तो उनके हाथ कु छ कागज लगे। इसमें अमरजीत कौर के नाम एनआरआई कॉलोनी की कोठी और कार की पावर ऑफ अटार्नी की हुई थी। साथ ही उसके खाते से 20 लाख रुपये भी निकाल लिए थे। इसके बाद उन्हें सुरिंदर सिंह की मौत पर संदेह हुआ। उन्हाेंने पुलिस को शिकायत दी।
पुलिस ने सुरिंदर सिंह की पोस्टमार्टम के बाद विसरा रिपोर्ट लैब भेज दी। विसरा रिपोर्ट में मौत का कारण जहर आया। छह अप्रैल 2012 को पुलिस द्वारा अमरनदीप सिंह और अमरजीत कौर को गिरफ्तार किया गया था।
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जिला अदालत ने दोनों पक्ष की दलीलें को सुनने के बाद अमनदीप कुमार और अमरजीत कौर को दोषी पाया। यह दंपति खरड़ के रहने वाले हैं। हत्या का मामला थाना खरड़ में दो अप्रैल 2011 में दर्ज हुआ था। उस समय महिंदर सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह तीन भाई थे।
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उसका छोटा भाई सुरिंदर सिंह कैलिफोर्निया में परिवार समेत रहता था। कुछ समय पहले वह विदेश से आया था। उसकी पहले सन्नी इन्क्लेव में भी कोठी थी, जो उसने बाद में बेच दी थी। इसी बीच उसके भाई की अमरजीत कौर नाम की महिला से जान पहचान हो गई।
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इसके बाद उसने अमरजीत कौर एवं अमनदीप की मदद से 2010 में एनआरआई कॉलोनी खरड़ में कोठी खरीद ली। साथ ही वे दोनों भी उसके भाई के साथ रहने लगे। अचानक अप्रैल 2011 में उसे अमनदीप का फोन आया कि उसके भाई की तबीयत ठीक नहीं है। फिर एक घंटे बाद फोन आया कि उसके भाई सुरिंदर सिंह की मौत हो गई है। उसने पारिवारिक मेंबरों को इसकी सूचना दी।
जब वह वहां पहुंचे तो उनके हाथ कु छ कागज लगे। इसमें अमरजीत कौर के नाम एनआरआई कॉलोनी की कोठी और कार की पावर ऑफ अटार्नी की हुई थी। साथ ही उसके खाते से 20 लाख रुपये भी निकाल लिए थे। इसके बाद उन्हें सुरिंदर सिंह की मौत पर संदेह हुआ। उन्हाेंने पुलिस को शिकायत दी।
पुलिस ने सुरिंदर सिंह की पोस्टमार्टम के बाद विसरा रिपोर्ट लैब भेज दी। विसरा रिपोर्ट में मौत का कारण जहर आया। छह अप्रैल 2012 को पुलिस द्वारा अमरनदीप सिंह और अमरजीत कौर को गिरफ्तार किया गया था।