PGI: महिला मरीज को बेहोश कर बनाया MMS, रोजाना रेप
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पीजीआई में ब्लड सैंपल लेने के बहाने महिला मरीज को बेहोश कर अश्लील वीडियो बनाने और 3 साल से रेप होने का मामला सामने आया है। आरोप, सीनियर लैब टेक्नीशियन पर लगे हैँ।
चंडीगढ़ में सेक्टर-11 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि महिला के सबूतों की पुष्टि होने तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। महिला ने पुलिस को आरोपी द्वारा किए गए व्हाट्सएप मैसेज व कॉल की रिकार्डिंग सौंपी है।
साइबर सेल जांच में जुटी
सेक्टर-11 थाना प्रभारी नरेंदर पटियाल केअनुसार पीड़िता द्वारा पीजीआई के सीनियर लैब टेक्नीशियन देवराज के खिलाफ लगाए रेप के आरोप की जांच की जा रही है। साथ ही महिला की ओर पेश किए सबूतों की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। मामले में जुड़े गवाह और सबूत की जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
अश्लील विडियो बनाकर तीन साल तक किया ब्लैकमेल
शिकायतकर्ता पालमपुर (हिमाचल) निवासी महिला ने बताया कि वर्ष 2001 में उसकी शादी हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। 2005 में उसका तलाक हो गया था। वह चंडीगढ़ में घर-घर जाकर पेशेंट केयर का काम कर दोनों बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। दूसरे बच्चे के जन्म लेने के बाद अक्सर उसे पेट दर्द की शिकायत रहती थी।
उसने इलाज भी कराया और कुछ महीने तक राहत मिली। लेकिन नवंबर 2011 से पेट में फिर दर्द होने लगा। इसके बाद वह पीजीआई आई। यहां उसे डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए कहा।
ऐसे में उक्त आरोपी टेक्नीशियन से उसकी मुलाकात हुई और उसने सारा इलाज खुद कराने का आश्वासन दिया। उसने कहा कि वह जांच के सैंपल उसके घर आकर ले लेगा। उसने उसका फोन नंबर भी ले लिया।
उसके बाद उसने खुड्डा लाहौरा स्थित घर आकर उसे इंजेक्शन दिया। जिससे वह बेहोश हो गई। उसके बाद जब उसे होश आया तो उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे और टेक्नीशियन जा चुका था।
टेक्नीशियन ने उसके साथ रेप किया और उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद वह उसे अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर तीन साल तक रेप करता रहा। फिलहाल पुलिस आरोपी पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।