डायरी से खुला चीफ मैनेजर की मौत का असली सच
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अफसरों द्वारा मीटिंग में जलील किए जाने पर पंचकूला सेक्टर-20 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर ने ऊंचाहार एक्सप्रेस से कटकर जान दे दी।
खुदकुशी करने से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें अपनी मौत के लिए बैंक के फील्ड जनरल मैनेजर (एफजीएम) जेके गुप्ता और डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) एके गुप्ता को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने उक्त दोनों अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है।
मूल रूप से अमृतसर निवासी एवं वर्तमान में सेक्टर-12 ए पंचकूला में रहने वाले अजय सहगल (52) काफी समय से चंडीगढ़ रीजन में तैनात थे। सेक्टर-17 स्थित डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में भी उनकी ड्यूटी लगी थी और करीब छह महीने पहले ही पंचकूला सेक्टर-20 शाखा में तबादला हुआ था। बुधवार को उन्हें एफजीएम जेके गुप्ता और डीजीएम एके गुप्ता के साथ मीटिंग के लिए सेक्टर-17 आफिस बुलाया गया था।
शव के पास डायरी में मिले सुसाइड नोट में क्या लिखा है?
बुधवार को सेक्टर-17 आफिस में बैठक के बाद अजय सहगल वापस ड्यूटी पर बैंक की शाखा में नहीं पहुंचे। देर शाम को उन्होंने विकास नगर ब्रिज के पास ऊंचाहार एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। मौके पर उनकी गाड़ी भी बरामद नहीं हुई। इससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह विकास नगर ब्रिज तक पैदल ही आए थे।
रेलवे ट्रैक पर शव के पास से जीआरपी ने एक डायरी बरामद की। इसमें अजय सहगल ने सुसाइड नोट लिखा था कि वह एफजीएम जेके गुप्ता और डीजीएम एके गुप्ता से परेशान हो गए हैं। दोनों ही गलत काम करने का उन पर दबाव बनाते हैं और जब भी मौका मिलता है, प्रताड़ित करते हैं।
वे गलत लोन जारी करने का दबाव बनाते हैं, जो नियमों के खिलाफ है। जब से इस ब्रांच में आया हूं, प्रताड़ना हर दिन बढ़ती जा रही है। परफार्मेंस पर बेवजह सवाल उठाए जाते हैं, जबकि सब कुछ ठीक है। डायरी में कुछ दस्तावेज भी थे, जिसमें उन्होंने अपनी अच्छी परफार्मेंस का हवाला दिया है।
'गैरकानूनी काम करने का दबाव बनाते हैं जेके गुप्ता और एके गुप्ता'
सहगल ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि उनके शव का अंतिम संस्कार न किया जाए। शव को जानवरों के आगे डाल दिया जाए। अजय सहगल की पत्नी रमा सहगल सनावर के नजदीक पाइन ग्रूव स्कूल में टीचर हैं और वहीं रहती हैं। पति की मौत की सूचना पाकर रमा पंचकूला पहुंचीं।
उन्होंने बताया कि अजय ने उन्हें कई बार बताया कि जेके गुप्ता और एके गुप्ता काफी प्रताड़ित करते हैं और गैरकानूनी काम करने का दबाव बनाते हैं। रमा ने बताया कि बुधवार को उनका फोन बंद हो गया था। शाम को स्कूल से आने के बाद वह घर के काम में व्यस्त हो गईं और रात को फोन चार्ज किया।
तब उनकी हेड टीचर ने इस हादसे की जानकारी दी। अजय सहगल सेक्टर-12ए में अकेले रहते थे। उनका बेटा उजस थापर कालेज में पढ़ता है और गुड़गांव में ट्रेनिंग के लिए गया है। वहीं, बेटी दर्पा चंडीगढ़ में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है और वहीं बतौर पीजी रहती है। हादसे की सूचना पाकर अजय सहगल के कई साथी सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने बताया कि अजय काफी मिलनसार व्यक्ति थे, लेकिन पिछले काफी समय से परेशान थे। कई बार जब बैंक में ज्यादा भीड़ हो जाती थी और कम स्टाफ होता था तो वह खुद ही कैश काउंटर संभाल लेते थे। चीफ मैनेजर होते हुए भी स्टाफ के काम में भी हाथ बंटाते थे।