हरियाणा के युवक की हत्या कर राजस्थान में फेंका
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हरियाणा के नारनौल जिले के गांव अटेली से अपहरण किए गए युवक का शव राजस्थान के गांव गुगड़िया के जंगलों में स्थित पहाड़ी पर मिला। राजस्थान पुलिस ने शव कब्जे में लेकर इसकी सूचना जिला मुख्यालय को दी।
डीएसपी कनीना ताहिर हुसैन और अटेली थाना प्रभारी विजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। शव का बहरोड़ अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। हत्यारोपी मरने वाले युवक के गांव के हैं। इस कारण गांव में पुलिस तैनात कर दी है। पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ जिला रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के पुलिस जवान दिन भर तैनात रहे।
शनिवार रात करीब 9 बजे गांव अटेली के आधा दर्जन युवकों ने घर में घुसकर अशोक का अपहरण कर लिया था। युवक के पिता सुभाष की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
रविवार को पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा ने डीएसपी मुख्यालय राजेश कुमार, डीएसपी ताहिर हुसैन, डीएसपी महेश कुमार और डीएसपी विवेक कुमार के साथ सर्च अभियान किया। क्षेत्र के गांव बिहाली, रामपुरा, कांटी की पहाड़ियों तथा जंगलात (बणी) में तलाश होती रही, लेकिन रविवार रात तक युवक का सुराग नहीं लगा।
युवक के पिता ने गांव निवासी ओमाकांत, हरबिंद्र, बिल्लू, बिरेंद्र और देव पर अपहरण का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि अपहरणकर्ताओं ने अशोक की हत्या करने के बाद शव राजस्थान के गांव गुगड़िया के जंगलों में डाल दिया।
खुलासा न हो हत्यारों ने शव को पत्थरों से दबा दिया
शव पत्थरों के नीचे डाला: हत्या का खुलासा न हो इसलिए शव को पत्थरों से दबा दिया गया, लेकिन सोमवार सुबह वहां पशु चराने वालों ने शव देखा। इसकी सूचना फैल गई। वहीं जिला पुलिस भी अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लगातार तलाश में जुटी थी।
परिजनों ने की शिनाख्त: सूचना मिलते ही अटेली पुलिस भी मौके पर पहुंची। शिनाख्त के लिए परिजनों द्वारा बताए गए कपड़ों और हाथ में श्रीभगवान खुदा होने के कारण अशोक की शिनाख्त हो पाई। जैसे-जैसे यह सूचना क्षेत्र के लोगों को मिली मृतक के परिजन व उनके सहयोगी बहरोड़ अस्पताल में पहुंचे।
युवक को नहीं बचा पाई पुलिस: अपहरण के बाद मात्र दस मिनट में ही अशोक के घर पहुंची पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। इसके बाद भी पुलिस उसे जिंदा नही बचा पाई। क्षेत्र के लोगों में चर्चा है कि पुलिस हर तथ्यों में सुराग लगाने में सक्षम होने के बावजूद सुभाष के परिवार के चिराग को बुझने से नहीं बचा पाई। वहीं हत्यारोपियों का पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पा रही है।
नवंबर में हुई थी शादी: अशोक की नवंबर में ही राजस्थान जिला अलवर में शादी हुई थी। उसने कभी सपने में भी नही सोचा था कि शादी के बंधन में बंधने के बाद मात्र कुछ माह में ही उसे इस संकट से जूझना पड़ेगा। अशोक अपने माता-पिता के इकलौता बेटा था। जिससे अपहरण कर्ताओं ने मौत के घाट उतार दिया।