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किडनैपिंग, रेप के प्रयास में 10 साल कैद
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 21 Nov 2013 09:26 AM IST
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नाबालिग लड़की की किडनैपिंग, रेप के प्रयास व फोर्जरी मामले के एक दोषी को 10 साल कैद व एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से किडनैपिंग के लिए 10 साल कैद और 50 हजार जुर्माना, रेप के प्रयास में पांच साल कैद व 50 हजार जुर्माना, धोखा देने के लिए फोर्जरी पर तीन साल कैद व पांच हजार जुर्माना और फर्जी दस्तावेज को असली बताकर इस्तेमाल करने पर तीन साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
पिंजौर थाने में हेमंत के खिलाफ एक नाबालिग को किडनैप करने का मामला 2 जून 2012 में दर्ज हुआ था। दो दिन बाद पुलिस ने हेमंत व लड़की को रिकवर कर लिया था।
जिस वक्त हेमंत ने इस वारदात को अंजाम दिया था, वह हिमाचल में लूट व हत्या के मामले में सजा काट रहा था और पैरोल पर आया था। इसी बीच वारदात को अंजाम दे दिया।
जब कोर्ट में ट्रायल चला तो पीड़ित लड़की ने हेमंत के साथ शादी करने की इच्छा जताई, लेकिन नाबालिग होने की वजह से कोर्ट ने इजाजत नहीं दी। हालांकि, हेमंत के खिलाफ रेप का मामला दर्ज था, लेकिन ट्रायल में यह रेप के प्रयास में बदल गया।
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पुलिस ने जब हेमंत को गिरफ्तार किया था तो उससे एक ड्राइविंग लाइसेंस मिला था, जो उसके भाई का था, लेकिन हेमंत ने फोर्जरी कर अपनी फोटो लगा रखी थी।
सुप्रीम कोर्ट में है अपील
लूट व हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे हेमंत ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है। अगर वहां से उसे राहत नहीं मिलती है तो उसे अब हुई दस साल की सजा अलग से काटनी होगी।
क्योंकि उम्रकैद दूसरे राज्य यानी हिमाचल की कोर्ट से हुई है, जबकि अब दस साल की सजा हरियाणा की कोर्ट से हुई है। हेमंत अलग-अलग राज्यों में दोषी है। लिहाजा, सजा भी अलग-अलग काटनी होगी।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से किडनैपिंग के लिए 10 साल कैद और 50 हजार जुर्माना, रेप के प्रयास में पांच साल कैद व 50 हजार जुर्माना, धोखा देने के लिए फोर्जरी पर तीन साल कैद व पांच हजार जुर्माना और फर्जी दस्तावेज को असली बताकर इस्तेमाल करने पर तीन साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
पिंजौर थाने में हेमंत के खिलाफ एक नाबालिग को किडनैप करने का मामला 2 जून 2012 में दर्ज हुआ था। दो दिन बाद पुलिस ने हेमंत व लड़की को रिकवर कर लिया था।
जिस वक्त हेमंत ने इस वारदात को अंजाम दिया था, वह हिमाचल में लूट व हत्या के मामले में सजा काट रहा था और पैरोल पर आया था। इसी बीच वारदात को अंजाम दे दिया।
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जब कोर्ट में ट्रायल चला तो पीड़ित लड़की ने हेमंत के साथ शादी करने की इच्छा जताई, लेकिन नाबालिग होने की वजह से कोर्ट ने इजाजत नहीं दी। हालांकि, हेमंत के खिलाफ रेप का मामला दर्ज था, लेकिन ट्रायल में यह रेप के प्रयास में बदल गया।
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पुलिस ने जब हेमंत को गिरफ्तार किया था तो उससे एक ड्राइविंग लाइसेंस मिला था, जो उसके भाई का था, लेकिन हेमंत ने फोर्जरी कर अपनी फोटो लगा रखी थी।
सुप्रीम कोर्ट में है अपील
लूट व हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे हेमंत ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है। अगर वहां से उसे राहत नहीं मिलती है तो उसे अब हुई दस साल की सजा अलग से काटनी होगी।
क्योंकि उम्रकैद दूसरे राज्य यानी हिमाचल की कोर्ट से हुई है, जबकि अब दस साल की सजा हरियाणा की कोर्ट से हुई है। हेमंत अलग-अलग राज्यों में दोषी है। लिहाजा, सजा भी अलग-अलग काटनी होगी।