ज्योति मर्डरः अब रामकुमार के दर्ज होंगे बयान
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बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में शुक्रवार को सीएफएसएल चंडीगढ़ की दो डॉक्टर और सेक्टर-5 थाना प्रभारी के बयान के साथ ही अभियोजन पक्ष की गवाहियां बंद हो गईं।
कोर्ट ने प्रोसिक्यूशन एविडेंस क्लोज कर बचाव पक्ष की गवाहियां दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं। अब शनिवार से कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत मुख्य आरोपी विधायक रामकुमार चौधरी सहित सभी 12 आरोपियों के बयान दर्ज होंगे और पूरे केस के दौरान उनके खिलाफ आए सबूतों पर पक्ष जाना जाएगा।
केस में अब तक ये हुआ
- 22 नवंबर 2012 को सेक्टर-21 में ज्योति का मिला था शव
- सेक्टर-5 थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ
- हिमाचल के कांग्रेसी नेता रामकुमार चौधरी का नाम केस में आया
- पुलिस ने कई बार रेड की, लेकिन चौधरी नदारद
- 8 जनवरी को चौधरी ने कोर्ट में सरेंडर किया, पुलिस ने लिया हिरासत में
- इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारियां हुई
- पुलिस ने चार्जशीट तैयार की, जिस पर 37 आब्जेक्शन लगे
- जांच अधिकारी को हटाकर तत्कालीन डीसीपी अश्विन शेणवी की अगुवाई में एसआईटी बनी
- फिर कोर्ट में नया चालान आया और ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान सप्लीमेंटरी चालान भी आते रहे।
ये थे मुख्य गवाह और पुख्ता सबूत
ज्योति की बहन और पिता बूटी राम। ज्योति की बहन कोर्ट में बयान दे चुकी है कि ज्योति ने उसे बताया था कि रामकुमार चौधरी के साथ उसके संबंध हैं और दोनों शादी करेंगे। वहीं, बूटी राम ने भी कोर्ट में ज्योति और रामकुमार के रिश्ते के बारे में बताया था।
मोबाइल की लोकेशन
ज्योति, रामकुमार व अन्य आरोपियों के मोबाइल वारदात वाले दिन साथ चल रहे थे। टावर लोकेशन के डिकोडेड डाटा में भी साफ हो गया है कि चंडीगढ़ से पंचकूला तक किस-किस टावर पर कैसे-कैसे नंबर एक साथ चले। कौन किस टावर से कहां तक पहुंचा।
चंडीमंदिर टोल प्लाजा की डिटेल्स
इसमें स्पष्ट है कि वारदात वाली रात वह ट्रक पंचकूला में आया था, जिससे ज्योति का सिर कुचला गया था।
चौधरी के हस्ताक्षर
ज्योति का गर्भपात कराने के लिए मंजूरी फार्म पर साइन किए गए थे। ये साइन रामकुमार चौधरी के साइन थे, जो मैच हो चुके हैं।
ज्योति की कॉल डिटेल्स
हत्या के बाद डाटा डिलीट कर ज्योति के मोबाइल को फेंक दिया गया था। घग्गर नदी से मोबाइल रिकवर होने के बाद डाटा को रिट्राइव कराने पर पाया गया कि रामकुमार ने एक बार दो दिन में ज्योति को 40 फोन किए थे। ज्योति के मोबाइल से रामकुमार और उनकी पत्नी व एक जन्मदिन पार्टी की तस्वीरें भी रिट्राइव हो चुकी है।
एसएमएस
ज्योति के फोन से पुलिस को उसके नजदीकी दोस्त सिमी का पता चला। सिमी ने ज्योति को काफी एसएमएस कर रखे हैं। इनमें कुछ ऐसे एसएमएस हैं, जिनमें जिक्र है कि वह किसी और के लिए उसे छोड़ रही है। सिमी ने कोर्ट में बयान दिए हैं कि ज्योति ने उसे कहा था कि वह चौधरी के साथ है, जो उसकी काफी मदद करता है।
मैच हुए सैंपल, दोनों जगहों पर ज्योति का खून
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट में ज्योति के कपड़ों और मौके से मिले खून के सैंपल मैच कर गए हैं। दोनों सैंपलों में पाया गया कि दोनों जगह ज्योति का ही खून है।
इससे पुलिस केस को मजबूती मिली। ज्योति के स्वेटर से मिले बाल के बारे में कहा गया है कि यह किसी इंसान का बाल है।
लेकिन किसका है, यह स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सप्लीमेंट्री चालान दे दिया है और सोमवार को सेशन कोर्ट में यह दाखिल हो सकता है।
इससे पहले कोर्ट ने इस केस की सुनवाई के दौरान पिछले दिनों सीएफएसएल चंडीगढ़ के डायरेक्टर को नोटिस देकर सभी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे और अब सैंपलों की रिपोर्ट आई है।
खून और बालों की जांच रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में सामने आया कि मौका-ए-वारदात से मिला खून ज्योति के कपड़ों से मिले खून के साथ मैच करता है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हुई कार के सीट कवर पर खून के धब्बों के बारे स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
बालों की जांच रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में सामने आया कि ज्योति के स्वेटर पर जो बाल मिला है, वह किसी इंसान का है, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि यह किसके हैं? पुलिस ने मुख्य आरोपी राम कुमार चौधरी, गुरमीत व परमजीत के बालों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे।
ये भेजे गए थे जांच के लिए
पंचकूला पुलिस ने सीसीटीवी का डाटा प्ले करने, वारदात में इस्तेमाल हुई गाड़ी से मिले बाल का मिलान करने व कार के सीट कवर जांच के लिए सीएफएसएल भेजे थे।
चंडीगढ़ के जिस नर्सिंग होम में ज्योति का गर्भपात कराया गया था, उसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग डिलीट करा दी गई थी, लेकिन पुलिस ने डाटा स्टोरेज डिवाइस को रिकवर कर मधुबन लैब भेजा था।
डिलीट हुआ डाटा वहां रीट्राइव तो हो गया था, लेकिन प्ले नहीं हुआ था। उसे प्ले कराने के लिए भी डाटा को सीएफएसएल भेजा गया था, लेकिन यह अब तक नहीं चल पाया।
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