ज्योति मर्डर: गवाहियों में चौंकाने वाली बात
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बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में बचाव पक्ष की गवाहियां खत्म हो गईं। दलील में जिसे जिम्मेदार माना जा रहा है, वह अब तक गायब है। हरियाणा के पंचकूला में चार जुलाई को कोर्ट ने प्रोसिक्यूशन एविडेंस क्लोज कर बचाव पक्ष की गवाहियां शुरू कराई थी।
अब मुख्य आरोपी राम कुमार चौधरी व अन्य के खिलाफ आए सबूतों व उनके बचाव में आई गवाहों की दलीलों पर छह सितंबर को बहस होगी और उसके बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
बचाव पक्ष की गवाहियों में अभी तक सामने आया कि वारदात का जिम्मेदार पूरी तरह से सतपाल को ठहराया जा रहा है, जो रामकुमार चौधरी का ड्राइवर था। सतपाल इस केस में कभी गिरफ्तार ही नहीं हुआ। उसका फिलहाल तक कोई पता-ठिकाना नहीं है।
बचाव पक्ष के मुताबिक, मोबाइल नंबर 98160-44340 सतपाल इस्तेमाल करता था, जबकि पुलिस केस के मुताबिक यह नंबर राम कुमार चौधरी की आईडी पर है और वारदात वाले दिन सेक्टर-21 में था। इसके साथ अन्य आरोपियों के नंबर भी चल रहे थे।
बचाव पक्ष के गवाह का बयान
जसविंद्र सिंह नाम के प्रापर्टी डीलर ने कोर्ट में कहा कि 21 नवंबर 2012 को राम कुमार चौधरी उसके साथ था और एक प्रापर्टी का सौदा किया था। शाम तक दोनों साथ थे और सतपाल ड्राइवर ने घर छोड़ा था।
वहीं, माजिद खान नाम के एक अन्य गवाह (जो चौधरी के भट्ठे पर काम करता था) ने कोर्ट में बयान दिया कि वारदात वाले दिन सपताल से उसकी बात हुई थी। रात को साथ में डिनर करना था, लेकिन सपताल नहीं आया। जब उसे करीब साढ़े बारह बजे फोन किया तो उसने कहा कि वह बाहर है।
माजिद खान ने कहा कि सतपाल से उसकी बात 98160-44340 पर हुई थी। एक अन्य गवाह प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि उसने 21 नवंबर की रात 98160-44340 पर फोन किया था, तो सतपाल ने रिसीव किया था।
चार्जशीट में पुलिस ने 98164-64060 नंबर का जिक्र किया है, जो फर्जी आईडी पर था, लेकिन इस्तेमाल चौधरी करता था। टावर लोकेशन के मुताबिक दोनों नंबर एक साथ चले।
रामकुमार ने भी खुद को बताया था निर्दोष
कुल मिलाकर ज्योति हत्याकांड के 12 आरोपियों में से तीन के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि नौ के बयान अब भी बाकी हैं। अब इस मामले में अगले बयान 11 जुलाई को दर्ज होंगे।
पहले अपने बयान दर्ज करा चुके हिमाचल के दून के विधायक रामकुमार चौधरी ने भी ज्योति से किसी तरह के रिश्ते से इनकार करते हुए इस मामले को राजनीतिक साजिश का नाम दिया था। रामकुमार ने भी खुद को निर्दोष बताते हुए मोबाइल टावरों की लोकेशन के आधार पर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा था कि एक फोन का इस्तेमाल ड्राइवर करता था और जिस दिन ज्योति की हत्या हुई थी उस दिन वह बद्दी स्थित अपने गांव में थे।
मोबाइल लोकेशन को इस जांच में काफी अहम माना जा रहा है, लेकिन लोकेशन का ब्योरा देते हुए जब आरोपियों से इस मामले से जुड़े होने की बात कही गई तो उन्होंने साफ तौर पर इनकार कर दिया।