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दुराचार मामले में 14 साल बाद फैसला, आरोपी बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 06 Mar 2014 11:57 AM IST
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14 साल बाद दुराचार के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशुल शुक्ला की अदालत ने सबूतों के अभाव के चलते यूपी स्थित बदायूं निवासी महेंद्र सिंह को बरी कर दिया। जबकि मामले में फंसे चार लोग भगौड़े हो चुके हैं।
मनीमाजरा निवासी पिता ने दिसंबर 1999 में शिकायत दी थी कि उसकी बेटी का प्रेमपाल और उसके पिता महेंद्र सिंह अपहरण कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में पाया कि प्रेमपाल ने जबरदस्ती लड़की से यूपी में जाकर शादी कर ली।
पुलिस टीम ने छापे मारकर लड़की को यूपी से बरामद कर प्रेमपाल, महेंद्र सिंह, हरीचंद, शशीपाल और प्रीतम के खिलाफ अपहरण और दुराचार की धाराओं के तहत मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार किया था।
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बाद में सुनवाई पर न आने पर जिला अदालत ने सभी को भगौड़ा घोषित कर दिया था। महेंद्र सिंह को पुलिस ने चार महीने पहले ही पकड़ा था।
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मनीमाजरा निवासी पिता ने दिसंबर 1999 में शिकायत दी थी कि उसकी बेटी का प्रेमपाल और उसके पिता महेंद्र सिंह अपहरण कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में पाया कि प्रेमपाल ने जबरदस्ती लड़की से यूपी में जाकर शादी कर ली।
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पुलिस टीम ने छापे मारकर लड़की को यूपी से बरामद कर प्रेमपाल, महेंद्र सिंह, हरीचंद, शशीपाल और प्रीतम के खिलाफ अपहरण और दुराचार की धाराओं के तहत मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार किया था।
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बाद में सुनवाई पर न आने पर जिला अदालत ने सभी को भगौड़ा घोषित कर दिया था। महेंद्र सिंह को पुलिस ने चार महीने पहले ही पकड़ा था।