आंदोलन में हिंसा करने वाले नपने शुरू, युवा जाट नेता 4 गिरफ्तार
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फतेहाबाद में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोड जाम करने और भूना में तहसील कार्यालय जलाने के आरोप में पुलिस ने सोमवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के जिला युवा प्रधान बलवान सिंह लंबोरिया सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इन लोगों को दिल्ली से लौटते समय हांसी के पास गिरफ्तार किया। इसकी सूचना मिलने पर भारी संख्या में जाट समुदाय के लोग लघु सचिवालय पहुंच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शाम करीब चार बजे आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की सूचना मिलते ही जाट समुदाय के लोगों ने कोर्ट में घुसने का प्रयास किया। एहतियात के तौर पर पुलिस ने कोर्ट परिसर के मुख्य गेट और वकीलों के चैंबर के ताला लगा दिया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि डीसी व एसपी ने सुबह कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुपके से युवकों को कोर्ट में पेश कर उनके साथ धोखा किया है। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने कोर्ट के पिछले गेट से आरोपियों को पेश किया। शाम पांच बजे अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को स्थिति से अवगत करवाया।
इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह ढाका ने एलान कर दिया कि मंगलवार से लघु सचिवालय के सामने जाट समुदाय की ओर से धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें गिरफ्तारियों के विरोध में रणनीति बनाई जाएगी।
जाट नेता बोले, डीसी-एसपी ने किया धोखा
युवा जिला प्रधान बलवान सिंह, ढाणी सांचला निवासी सुधीर, सतपाल निवासी ढाणी सांचला तथा राकेश ढाणी भोजराज को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की सूचना मिलते ही भारी संख्या में जाट समुदाय के लोग लघु सचिवालय में पहुंच गए। ये लोग जैसे ही उपायुक्त कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस फोर्स ने आगे बढ़ने से रोक लिया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त एनके सोलंकी से मिला। उन्होंने एसपी ओपी नरवाल से भी मुलाकात की।
जाट नेताओं के अनुसार, अधिकारियों ने जाट समुदाय के लोगों को सरकार से बात कर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है। डीसी और एसपी से मिलने वालों में अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय महासचिव रामभगत मलिक, प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका, हिसार जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा सहित 11 लोग शामिल रहे।
वकील से सूचना पाकर कोर्ट की ओर बढ़े लोग
एसपी और डीसी से आश्वासन पाकर जाट समुदाय के लोग लघु सचिवालय के पार्क में बैठ गए। बताया जा रहा है कि एक वकील ने आकर जाट समुदाय के लोगों को सूचना दी कि गिरफ्तार किए गए लोगों को अभी कोर्ट में पेश किया जा रहा है। सूचना मिलते ही लोग कोर्ट के पास पहुंच गए। जैसे ही वे अंदर घुसने लगे तो पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक लिया। तनाव को देखते हुए लघु सचिवालय तथा कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। देर शाम तक जाट समुदाय के लोग लघु सचिवालय के पार्क में डेरा जमाए बैठे थे।