Punjab: सांसद अमृतपाल सिंह का भाई ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, जालंधर देहात पुलिस ने चार ग्राम 'आइस' के साथ पकड़ा
खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के भाई हरप्रीत सिंह को जालंधर देहात की पुलिस ने फिल्लौर इलाके से गिरफ्तार किया है। उसके पास पांच ग्राम आइस बरामद हुई है। आइस एक खतरनाक ड्रग है, जिसे रखना गैरकानूनी है।
विस्तार
वहीं दूसरी तरफ खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। वह पंजाब में नशा विरोधी अभियान चलाकर चर्चा में आया था।
#WATCH | Punjab: Harpreet Singh, brother of jailed MP Amritpal Singh, arrested in a drugs case.
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SSP Jalandhar Rural Ankur Gupta says, "Three people identified as Lovepreet, Harpreet and Sandeep Arora have been arrested. They have been arrested last night. 4 grams of Ice… pic.twitter.com/YRER8f8yOlविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 12, 2024
पुलिस को फिल्लौर में नेशनल हाईवे के किनारे खड़ी एक संदिग्ध गाड़ी की तलाशी दौरान कार सवार दो व्यक्तियों से 4 ग्राम आइस ड्रग्स बरामद हुई। आरोपियों की पहचान लवप्रीत निवासी चीमा वार्ड थाना ब्यास और हरप्रीत उर्फ हैप्पी निवासी जल्लूपुर खेड़ा थाना खिलजियां को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 4 ग्राम आइस ड्रग्स, वेइंग स्केल, लाइटर आदि भी बरामद हुआ।
अमृतपाल के भाई आरोपी गुरप्रीत सिंह के पास से 2 फोन बरामद हुए है। गुरप्रीत सिंह से ड्रग्स बरामद होने से आला पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं। आरोपी लुधियाना के रहने वाले संदीप अरोड़ा नामक व्यक्ति से ड्रग्स लाए थे और उसे बकायदा पेटीएम के जरिए 10 हजार रुपये भी ट्रांसफर किए थे। संदीप अरोड़ा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी अंकुर गुप्ता ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ तस्करी का केस दर्ज किया गया है। घटना वीरवार देर रात की है, पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल टेस्ट भी करवाया है। एसएसपी अंकुर गुप्ता व एसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस ने फिल्लौर हाईवे से लवप्रीत व हरप्रीत को गिरफ्तार किया। दोनों काले शीशे वाली सफेद क्रेटा कार में बैठकर ड्रग्स लेने की तैयारी कर रहे थे। आरोपियों के पास लाइटर और पन्नी भी थी। डीएसपी फिल्लौर खुद मौके पर पहुंचे और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सरकार हमें बदनाम करना चाहती है
हरप्रीत सिंह की गिरफ्तारी पर अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ हमने जो आवाज उठाई है, उसे दबाने के लिए सरकार हमें बदनाम करना चाहती है। पुलिस नशाखोरी रोकने का काम करने के बजाय दबाव में काम कर रही है।
बंदी सिखों की रिहाई में जाना था हरप्रीत को
हरप्रीत सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि आज मोगा में बंदी सिखों की रिहाई के लिए मार्च रखा गया था। हरप्रीत सिंह को भी वहां जाना था। मुझे नहीं पता कि वह फिल्लौर कैसे गया। सूत्रों के मुताबिक वीरवार देर रात करीब डेढ़ बजे दोनों का फिल्लौर सिविल अस्पताल मेडिकल करवाया गया है। दोनों फिल्लौर हाईवे पर स्थित बस स्टैंड के पास गाड़ी में नशा कर रहे थे। गाड़ी के शीशे काले थे, जिस कारण पुलिस को शक हुआ और दोनों को गिरफ्तार किया गया।
क्या होती है आइस
आइस एक खतरनाक ड्रग होती है। यह हेरोइन के विपरीत काम करता है। हेरोइन नर्वस सिस्टम को उदास व डाउन करता है, जबकि आइस ड्रग उत्तेजित कर देता है। इसका आमतौर पर इस्तेमाल रेव पार्टी, डिस्कोथेक और बड़े-बड़े होटलों में किया जाता है। यह एक उत्तेजक ड्रग है। हार्ट बीट बढ़ती है। चार से पांच घंटे के बाद वे शांत होते हैं। फिर उनमें डिप्रेशन और मायूसी के लक्षण दिखते हैं।