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तारा की गिरफ्तारी से बेनकाब होंगे कई सफेदपोश

Wed, 07 Jan 2015 05:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 07 Jan 2015 05:59 PM IST
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jagtar singh tara's arrest will expose many white-collar

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के आरोपी आतंकी जगतार सिंह तारा की गिरफ्तारी से कई सफेदपोश बेनकाब हो सकते हैं। पंजाब पुलिस की सूचना पर थाइलैंड में तारा की गिरफ्तारी होने के बाद पंजाब के अलावा चंडीगढ़ पुलिस भी इस आतंकी के लोकल नेटवर्क का पता लगाने की तैयारी में जुट गई है।

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पंजाब पुलिस जगतार सिंह तारा को थाइलैंड से लाएगी। उसके बाद यूटी पुलिस उसे अपने गिरफ्त में लेगी। यह वही आतंकी है, जो करीब 11 साल पहले बुड़ैल जेल में सुरंग करके अपने साथियों के साथ फरार हुआ था।
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इससे पहले पंजाब पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से आतंकी रतनदीप सिंह को पकड़ा था। रतनदीप सिंह के माध्यम से चंडीगढ़ पुलिस ने उसके लोकल कनेक्शन की पड़ताल की थी, जिसमें एक बड़े बिजनेसमैन के नाम का खुलासा हुआ था।

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किसकी मदद से पहुंचा थाइलैंड

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बुड़ैल जेल के सूत्रों के अनुसार, तीनों कैदियों में जगतार सिंह तारा सबसे ज्यादा खतरनाक कैदी था। अब पुलिस की इनक्वायरी उसे भगाने में शामिल एजेंसियों पर भी होगी।

वह चंडीगढ़ में बुड़ैल जेल तोड़ने के बाद कहां रहा और उसके बाद थाईलैंड तक उसे पहुंचने में किसने मदद की। उसके लिए फंडिंग कौन कर रहा था। इन तमाम पहलुओं के बारे में उससे पूछताछ की जाएगी।

जेल ब्रेक कर ये भागे थे
जगतार सिंह हवारा, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा
देवी सिंह (सेक्टर-39 में एक मर्डर के आरोप में सजा भुगत रहा है। हालांकि, यह तारा के गुट का नहीं था)

22 जनवरी 2004 को ब्रेक हुई थी जेल

jagtar singh tara's arrest will expose many white-collar

- 94 फुट लंबी सुरंग खोदने के लिए जिम की स्टील रॉड का इस्तेमाल किया गया।
- पानी का नलका खुला छोड़ रखा था, ताकि खुदाई की आवाज बाहर न जाए।
- जिस रात आतंकी भागे थे, उस रात जेल में बिजली भी नहीं थी।
- जेल में लगाया गया जनरेटर भी खराब था।
- चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में कुल 18 कैमरे लगे थे।
- लाइट नहीं थी तो कैमरों से भी नहीं मिला सुराग।
- आतंकियों ने जेल प्रशासन की नाकामियां परखीं और हो गए फरार।

ऐसे बनाई थी सुरंग
चंडीगढ़ बुड़ैल जेल में यह सुरंग उस जगह बनाई गई थी, जिस जगह को आतंकवादी हवारा एक बेड की तरह इस्तेमाल करता था। इसकी परिधि 2.5 फुट थी और यह सुरंग 14 फुट गहरी थी। आतंकी सुरंग से निकली मिट्टी को अलमारी में लगाए गए परदे के पीछे बैग में रखते थे, फिर पानी के साथ ट्वॉयलेट और किचन से बहा देते थे। चूंकि, यह बी क्लास कैदी थे, इसलिए उन्हें ऐसी सुविधाएं दी जा रही थीं।

तीसरे प्रयास में जेल ब्रेक
1998- पहली बार नाकाम कोशिश
2002- दूसरी बार भी नाकाम प्रयास
2004-जेल ब्रेक, आतंकी फरार

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