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इरान-इराक युद्ध पीड़ितों को यहां मिला नया जीवन

Sun, 06 Sep 2015 05:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Sun, 06 Sep 2015 05:57 PM IST
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injured of Iran-Iraq war got new life in fortis hospital

ईरान और इराक के आंतरिक गृह युद्ध में अपने शरीर के अंग गवां चुके लोगों को वर्ल्ड क्लास सिटी मोहाली ने नया जीवन दिया है। मोहाली के फोर्टिस में इराक के बसरा राज्य के दो पूर्व सुरक्षा अधिकारियों के जोड़ों और अत्यधिक क्षतिग्रस्त अंगों की सर्जरी हुई है।

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इराकी सुरक्षा बल के भूतपूर्व सदस्य जावेद मोहम्मद जयबिल ( 53) ने बताया कि 1986 के इरान-ईराक युद्ध में छर्रों वाले विस्फोट ने उन्हें अपाहिज कर दिया था। अस्पताल के रूम नं. 161 में भर्ती जावेद की फिर से अपनी टांगों के सहारे चलने की खुशी देखते ही बनती थी।
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बसरा राज्य की सरकार की मदद से वह सफल सर्जरी कराकर अब सामान्य जीवन जीने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें अभी अपने बाएं हिप ज्वाइंट और दाहिने नी-ज्वाइंट का रिप्लेसमेंट कराना है।
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जबकि बसरा के पूर्व पुलिसमैन अयाद थाबेत थामेर (54) अपने बाएं नी-ज्वाइंट की सर्जरी करवाकर हटे हैं। हालांकि अभी भी वे मदद से चलते हैं। लेकिन उनके फिजियोथेरेपिस्ट का कहना है कि वह दो माह में चल पाएंगे।

हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर घर वापस जाने की तैयारी

injured of Iran-Iraq war got new life in fortis hospital

उनके देश की भाषा जानने वाली नर्सों के माध्यम से ये इराकी नागरिक डॉक्टरों से बात कर पाते हैं। ये दोनों ही अपने परिवार, दोस्तों और संबंधियों के साथ हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर अपने घर वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं।

अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट कंसल्टेंट डॉक्टर अजय भांबरी ने बताया कि दोनों ही मरीज उनके सामने एक सी स्थिति में आए थे। वे मुश्किल से कुछ ही कदम चल पाते थे। जबकि बाथरूम तक जाने में भी उन्हें परेशानी होती थी।

जावेद के बाएं हिप ज्वाइंट में दर्द, दाहिने नी-ज्वाइंट में दर्द और डिफॉर्मिटी, बाहरी चोट के निशान और क्षतिग्रस्त जोड़ों के आसपास ऊतकों में छर्रे फंसे थे। ज्वाइंट रिप्लेसमेंट संभव बनाने के लिए मरीजों की हड्डियों के हिस्सों से क्षतिग्रस्त अंगों को दोबारा निर्मित किया गया है। डॉ. भाम्बरी ने बताया कि अयाद का बायां घुटना बहुत कठोर हो गया था।

वह चलते वक्त केवल इसे घसीट ही रहा था। एक्सरे में उसकी जांघ की हड्डी में हड्डी के दो मृत टुकड़े और घुटने के पास पीप दिखाई दिया। उसका दो बार ऑपरेशन किया जाना था।

पहले मृत हड्डी के टुकड़ों को निकालने के लिए और संक्रमण को रोकने के लिए ऑपरेशन किया गया है। संक्रमण रुकने के बाद दोबारा ऑपरेशन करके क्वाड्रिसेप्टोप्लास्टी किया गया और उसके घुटने की गतिविधि ठीक की गई।

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