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'पुलिस वाले बन लूटते हैं ज्वैलर्स को, गैंग में युवतियों भी शामिल'

Fri, 21 Aug 2015 08:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला Updated Fri, 21 Aug 2015 08:53 AM IST
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in name of police, millions rupees swindle with Jewellers

एक ऐसे गिरोह का पता चला है, जो पुलिस वाले बनकर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के ज्वैलर्स को लूटते हैं। इस गैंग में एक वकील समेत युवतियां भी शामिल हैं। इसका खुलासा गैंग के एक सदस्य ने किया, जिसे पुलिस ने सेक्टर 43 के बस स्टैंड से काबू किया।

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पुलिस पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि गैंग में 5 से 6 सदस्य शामिल हैं और वे अब तक 10 से 12 ज्वैलर्स को लूट चुके हैं। ठगी में थाने के मुंशी की अहम भूमिका होती है। आरोपी ने बताया कि युवतियों का काम बस ज्वैलर शोरूम की रेकी करना होता है।
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पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक और लूट की प्लानिंग का खुलासा भी किया। गैंग के सदस्यों ने पंचकूला के ज्वैलर को ठगने के लिए जाल बिछाया था। लेकिन सूरज मोहन चौहान के एक मैसेज से गिरोह के प्लानिंग की पोल खुल गई और वह गैंग का शिकार होने से बच गया।
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ट्राइसिटी के तीन ज्वैलर्स ने स्वीकारी घटना

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ट्राइसिटी के तीन ज्वैलर्स ने ठगी का शिकार होने की घटना स्वीकार की है। कुराली स्थित वर्मा ज्वैलर्स के संचालक नीतीश ने बताया कि गैंग के सदस्यों ने उसे गिरफ्तार करने की धमकी देकर 20 से 25 हजार रुपये की ठगी की है। वहीं, कालका के साईं ज्वैलर्स से गिरोह के सदस्य 25 हजार की वसूली कर चुके हैं।

गिरोह ने मनीमाजरा (एनएसी) के खन्ना ज्वैलर्स से भी 15 ग्राम सोने की चेन ठग चुका है। बुधवार को गैंग ने पंचकूला के एक ज्वैलर को ठगने की कोशिश की। लेकिन चंडीगढ़ के ज्वैलर सूरज मोहन चौहान की सतर्कता ने उसको बचा लिया।

सूरज मोहन चौहान को कराली के वर्मा ज्वैलर्स के संचालक ने अपने साथ ठगी होने की घटना बताई थी। बुधवार को जब पंचकूला के ज्वैलर ने बातों-बातों में सूरज मोहन को बताया कि उसने अमृतसर पुलिस को पैसे भिजवाए हैं तो उन्होंने उसे सतर्क किया। इसके बाद उन्होंने मैसेज देकर पैसे देने जा रहे लड़के को वापस बुला लिया। इसके बाद पंचकूला सेक्टर-10 पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करा दी।  

गैंग ऐसे बनाता है शिकार:
गैंग के सदस्य पहले ज्वैलर्स की पूरी जानकारी हासिल करते हैं। इसके बाद वह उस क्षेत्र के मुंशी और एसएचओ का नाम नंबर पता करवाते हैं। इसके बाद अपने आप को पुलिस का बड़ा अधिकारी बताकर थाने में फोन करते हैं। मुंशी को आदेश करते हैं कि ज्वैलर्स से जाकर बात करवाओ।

मुंशी ज्वैलर्स से गैंग के सदस्यों से बता करवाता। गैंग के सदस्य फोन पर धमकाते हैं कि उन्होंने एक चोर को पकड़ा है। उसने पूछताछ में बताया कि चोरी की ज्वैलरी तुम्हारे यहां बेची है। ज्वैलरी अमृतसर आकर दोगे या हम वहीं लेने आएं। हम वहां आएंगे तो तुम्हारी बदनामी होगी।

हमारी एक टीम अभी चंडीगढ़ में है, उसे ज्वैलरी सौंप दो। इसके बाद ज्वैलर्स डरकर पैसे या फिर ज्वैलरी सेक्टर-43 बस स्टैंड स्थित पैट्रोल पंप पर खड़े गैंग के सदस्य को दे आते थे।

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