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बिना सूझ-सूझ के बनाया दो मंजिला मकान गिरा, दो की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, नारनौंद(हिसार)
Updated Fri, 25 Mar 2016 09:08 AM IST
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नारनौंद में घर गिरने के बाद अचाव अभियान चलाते हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
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नारनौंद कस्बे के बुड़ाना रोड पर बिना किसी सूझ-बूझ के बनाया गया दो मंजिला मकान गिर गया, जिसके नीचे दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच आरंभ कर दी। मोठ निवासी मजदूर सतपाल ने बताया कि नारनौंद के बुड़ाना रोड पर राजेश ठकराल उर्फ राजू पंजाबी ने एक मकान का निर्माण किया हुआ था।
मकान की दीवारें चार इंची ही थीं और मकान दो मंजिला तैयार किया हुआ था। बीच से दीवारों में दरार आ गई। इस कारण उन दीवारों को ठीक करने के लिए उसने मोठ निवासी मिस्त्री 55 वर्षीय रामकिशन और बिजेंद्र को लगाया हुआ था। सतपाल, सूरजभान और श्रवण मजदूरी पर आए हुए थे। जैसे ही ऊपर के कमरे की दीवारों को सहारा देने के लिए मकान के अंदर काम कर रहे थे कि अचानक ऊपर के कमरे की छत गिर गई।
उसके दबाव में नीचे की भी छत गिर गई। इससे श्रवण तो बचकर भागने में कामयाब हो गया, लेकिन उसका पिता रामकिशन और बिजेंद्र मकान के अंदर ही दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया।
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करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रामकिशन मिला। उसको बाहर निकाल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं करीब आधा घंटे के बाद बिजेंद्र मिला और अस्पताल में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुका था।
अस्पताल में तीन लोगों को लाया गया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी थी, जबकि एक मजदूर को कुछ चोटें आई हैं, उसको उपचार के लिए हिसार रेफर कर दिया गया है।
- कृष्ण कुमार, डॉक्टर सरकारी अस्पताल
दो मंजिला मकान गिरने से दो लोग दब गए थे, लेकिन जब तक उनको निकाला गया, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हांसी भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
- मंदीप सांगवान, थाना प्रभारी
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मकान की दीवारें चार इंची ही थीं और मकान दो मंजिला तैयार किया हुआ था। बीच से दीवारों में दरार आ गई। इस कारण उन दीवारों को ठीक करने के लिए उसने मोठ निवासी मिस्त्री 55 वर्षीय रामकिशन और बिजेंद्र को लगाया हुआ था। सतपाल, सूरजभान और श्रवण मजदूरी पर आए हुए थे। जैसे ही ऊपर के कमरे की दीवारों को सहारा देने के लिए मकान के अंदर काम कर रहे थे कि अचानक ऊपर के कमरे की छत गिर गई।
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उसके दबाव में नीचे की भी छत गिर गई। इससे श्रवण तो बचकर भागने में कामयाब हो गया, लेकिन उसका पिता रामकिशन और बिजेंद्र मकान के अंदर ही दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया।
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करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रामकिशन मिला। उसको बाहर निकाल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं करीब आधा घंटे के बाद बिजेंद्र मिला और अस्पताल में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुका था।
अस्पताल में तीन लोगों को लाया गया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी थी, जबकि एक मजदूर को कुछ चोटें आई हैं, उसको उपचार के लिए हिसार रेफर कर दिया गया है।
- कृष्ण कुमार, डॉक्टर सरकारी अस्पताल
दो मंजिला मकान गिरने से दो लोग दब गए थे, लेकिन जब तक उनको निकाला गया, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हांसी भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
- मंदीप सांगवान, थाना प्रभारी