लव मैरिज करने पर बेटी-दामाद को खौफनाक सजा
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युवती के पिता और भाई ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर घर से भागकर शादी करने वाली बेटी और दामाद को घर में घुस कर काट डाला। इज्जत के नाम पर रोंगटे खड़े कर देने वाला यह हत्याकांड रविवार शाम पंजाब के माहिलपुर (होशियारपुर) के करीबी गांव मुग्गोवाल में घटित हुआ।
युवक-युवती को घर से भाग कर शादी करने की कीमत युवती के पिता और भाइयों के हाथों जान देकर चुकानी पड़ी। आरोपियों ने बचाव के लिए आए युवक के पिता को भी आरोपियों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल अस्पताल में भर्ती है।
जानकारी के मुताबिक गांव मुग्गोवाल के रहने वाले संदीप कुमार (24) उर्फ सोनू ने पड़ोस में रहने वाली खुशबू (20) पुत्री सोढी राम के साथ करीब ढाई-तीन महीने पहले घर से भाग कर शादी कर ली थी। शादी के बाद पहले तो वह गांव से बाहर ही रहे लेकिन एक जनवरी को दोनों घर लौट आए।
पुलिस को दिए बयान में संदीप की मां ऊधम कौर ने बताया कि रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे खुशबू घर में सफाई कर रही थी और वह बाहर कूड़ा फेंकने गई थी। इसी बीच खुशबू के पिता सोढी, उसका भाई बब्बू अपने साथ करीब 9-10 लोगों को लेकर उनके घर में आ घुसे। आते ही इन लोगों ने खुशबू पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया।
बेटी-दामाद पर तलवार से ताबड़तोड़ वार
इसके बाद इन लोगों ने कमरे में बैठे संदीप पर ताबड़तोड़ वार किया। उसके पति प्रकाश जमीन पर गिरे अपने बेटे सोनू उर्फ संदीप के ऊपर लेट गया। इस पर आरोपियों ने उसे भी काट डाला। तीनों को गंभीर घायल हालत में सिविल अस्पताल माहिलपुर ले जाया गया।
अस्पताल जाते समय संदीप ने दम तोड़ दिया। प्रकाश और खुशबू को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल होशियारपुर रेफर कर दिया गया। होशियारपुर में उपचार के दौरान खुशबू ने भी दम तोड़ दिया जबकि प्रकाश राम जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था। सूचना मिलते ही डीएसपी हरदीप सिंह और माहिलपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने ऊधम कौर के बयानों पर खुशबू के पिता सोढी राम, भाई बबलू, चचेरे भाई साबी, अविनाश, बाबा समेत चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
पिता के आश्वासन पर नहीं ली थी सुरक्षा
संदीप और खुशबू की शादी के बाद करीब ढाई माह पहले अदालत ने उन्हें सुरक्षा दिए जाने को लेकर निर्देश दिए थे। बाद में खुशबू के पिता की ओर से शादी पर आपत्ति न होने की बात कहे जाने के बाद दोनों ने खुद ही सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया था।
शादी करने के बाद से ही संदीप व खुशबू मोहाली में रह रहे थे। इन्हें सुरक्षा प्रदान करने की हिदायत मिलने के बाद पुलिस ने उनसे संपर्क साधा और सुरक्षा देने की पेशकश की। संदीप के परिजनों के मुताबिक खुशबू के पिता व अन्य परिजनों ने उन्हें व पुलिस को भरोसा दिलाया था कि उन्हें अब इस शादी से कोई आपत्ति नहीं है।
इसके बाद उन दोनों ने भी पुलिस के पास बयान दर्ज करवा कर सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया था और इसके बाद ही नए साल पर खुशबू व संदीप ने घर लौटने का फैसला लिया था।
एसएसपी राजजीत सिंह ने कहा कि 15 दिन पहले दोनों परिवारों ने एफिडेविट देकर कहा था कि उन्हें शादी से कोई एतराज नहीं है। इसके बाद संदीप-खुशबू ने भी एफिडेविट देकर सुरक्षा लेने से मना किया था।
बेटे-बहू के साथ-साथ पति भी खून में सने
बेटे के शव के पास विलाप करतीं ऊधम कौर के आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। संदीप उनके बुढ़ापे का सहारा था। ऊधम कौर को बेटे-बहू के घर लौटने के बाद वह अब उनकी लोहड़ी डालने का विचार बना रहे थे।
कूड़ा फेंकते-फेंकते ऊधम कौर ने कोहराम सुना तो उलटे पांव घर की ओर दौड़ी। आंगन में नई नवेली दुल्हन खून से लथपथ पड़ी तड़प रही थी। जैसे-तैसे लड़खड़ाती हुई ऊधम कौर घर के भीतर कमरे में अपने बेटे तक पहुंची तो देखा कि बेटे के साथ-साथ उसके पति भी खून में सने हुए तड़प रहे थे। उसने उन्हें उठाने की कोशिश की लेकिन वह उठ नहीं पाए।
शोर सुन कर पहुंचे लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही ऊधम कौर की गोद उजड़ गई। इस बीच पुलिस ने मृतक संदीप की मां ऊधम कौर के बयानों पर खुशबू के पिता सोढी राम, भाई बबलू, चचेरे भाई साबी, अविनाश, बाबा व अन्य चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।