चर्च प्रकरण: 7 आरोपियों को कच्छे में थाने ले गई पुलिस
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चर्च विवाद मोदी दरबार में क्या गूंजा, पुलिस ने आरोपियों को कपड़े तक नहीं पहनने दिए। सुबह 5 बजे ही उनके घर जा धमकी और कच्छे बनियान में ही उठा कर पुलिस थाने ले गई। कैमरी गांव के चर्च में क्रॉस तोड़ने को लेकर दर्ज करवाए गए केस में सदर पुलिस ने सोमवार की आधी रात और अल सुबह गांव के आरोपी सरपंच सहित 7 लोगों को यह कार्रवाई की।
पुलिस ने इन सभी से पूछताछ की। एएसपी मनीषा चौधरी ने पूछताछ के बाद बारी-बारी कर छह लोगों को छोड़ दिया और अनिल गोदारा को गिरफ्तार कर लिया। अनिल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
सरपंच और दो पूर्व सरपंच सहित सात लोगों को पुलिस हिरासत में लेने की सूचना जैसे ही गांव वालों को मिली तो वे सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर पहले मंगाली चौकी पहुंचे, फिर सदर थाने में एकत्रित हुए। ग्रामीण हिरासत में लिए गए लोगों के कपड़े लेकर पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को कहा कि कम से कम उन्हें कपड़े तो पहनने दो।
ग्रामीणों ने बताया है कि सोमवार देर रात मंगाली चौकी पुलिस ने शीलू मक्कड़, मुकेश कड़वासरा और कुलदीप को उठा लिया। देर रात पूछताछ के बाद शीलू मक्कड़ और मुकेश को पुलिस ने छोड़ दिया और कुलदीप को हिरासत में रखा। सुबह करीब पांच बजे गांव के सरपंच सत्यनारायण, पूर्व सरपंच दलबीर, छोटूराम और अनिल गोदारा को उठा लिया। पुलिस मंगाली चौकी से इन सभी को सदर थाने ले आई।
पुलिस द्वारा लोगों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना जैसे ही ग्रामीणों को मिली तो वे एकत्रित होकर मंगाली चौकी पहुंच गए। उन्होंने सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों को बेकसूर बताते हुए छोड़ने की बात कही। चौकी इंचार्ज ने मामला थाना में जाने की बात कहकर उन्हें वहां से भेज दिया। इसके बाद ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में सदर थाने पहुंच गए।
पहुंचने लगे प्रदेशभर से जनसंगठन और धर्म संगठन
ग्रामीणों ने पुलिस हिरासत से सरपंच व अन्य लोगों को छुड़वाने के लिए विधायक के बेटे सुरेंद्र गंगवा थाने में पहुंचे। उन्होंने एएसपी मनीषा चौधरी से सरपंच और अन्य को छोड़ने की बात कही। एएसपी ने कहा कि अभी उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा। जब तक उन्हें छोड़ा नहीं गया, ग्रामीण थाने में ही बैठे रहे।
मीडिया में जैसे ही कैमरी के लोगों को पुलिस हिरासत में लेने की बात आई तो प्रदेशभर से जन संगठन और धर्म संगठन एकत्रित होने लगे। धर्म जागरण संस्थान के संयोजक सुंदर लाल सदर थाने में पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब धर्म परिवर्तन करवाने के लिए दबाव बना रहे पादरी के खिलाफ इस मामले से पहले शिकायत दी गई थी तो उनकी शिकायत पर क्यों कार्रवाई नहीं हुई।
चर्च बनाने से पहले पादरी ने पंचायत या फिर प्रशासन से परमिशन क्यों नहीं ली, जबकि वहां एक भी ईसाई परिवार नहीं है। उन्होंने कहा कि हकीकत में यह असली पादरी ही नहीं है। ये केवल गरीब परिवारों को लोभ-लालच देकर धर्म परिवर्तन का काम करवाने वाले लोग हैं।
सौरभ सिंह, डीआईजी हिसार ने बताया कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उससे पुलिस पूछताछ करेगी।
बढे ग्रामीणों में सहमति बनने के आसार
प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी इस मुद्दे पर सहमति बनाने का प्रयास शुरू कर दिया है। इस मामले में बुधवार को ग्रामीणों के साथ ईसाई समुदाय के लोगों की मीटिंग होगी, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की संभावना है।
मंगलवार को पीएमओ की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद ग्रामीण इस मुद्दे को लेकर सहमति के प्रयास में जुट गए हैं। ग्रामीणों के साथ-साथ प्रशासन ने भी इस बारे में प्रयास किए हैं। इसमें कोई भी अधिकारी अपना नाम सामने लाने की बजाए ग्रामीणों को ही सामने रख रहे हैं। गांव के सरपंच सत्यनारायण सहारण ने कहा कि बुधवार को ईसाई समुदाय के लोगों के साथ एक बैठक होगी, जिसमें विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा। यह बैठक हिसार में की जाएगी। बुधवार दोपहर बाद करीब दो बजे ग्रामीण हिसार पहुंचकर समझौते का प्रयास करेंगे। पंचायत सार्वजनिक हल निकालने का प्रयास करेगी।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन इस मामले को जल्द से जल्द हल करना चाहता है। इसके लिए ग्रामीणों को सख्ती से निर्देश दिया गया है। ग्रामीण अपनी ओर से भी प्रयास करते हुए समझौता करने को तैयार हो गए हैं। समझौता होने पर दोनों पक्ष अपनी अपनी शिकायत वापस लेंगे। सरकार की ओर से भाजपा के सभी सीनियर लीडर्स को भी इस विवाद को दूर करने का निर्देश दिया गया है।
चर्च का मैप पास नहीं
गांव के बाहरी हिस्से में बसाई गई कॉलोनी राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अवैध है। यह जमीन गांव की खेती बाड़ी की जमीन है। राम नगर के नाम से विकसित की गई कॉलोनी में चर्च बनाने का मैप पास नहीं किया गया। जमीन का यह हिस्सा खेती बाड़ी के लिए उपयोग किया जा सकता है।