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बहुचर्चित रेप कांड के 4 आरोपी कोर्ट से बरी
ब्यूरो/अमरउजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Wed, 12 Aug 2015 11:27 PM IST
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गांव भगाणा में चार युवतियों के साथ दुराचार के बहुचर्चित मामले में एडीजे अल्का मलिक की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार अभियुक्तों को बरी कर दिया है। मामले के पांचवें अभियुक्त का केस जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।
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कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार 25 मार्च 2014 को सदर थाना पुलिस में एक युवती ने केस दर्ज करवाया था कि 23 मार्च को रात करीब आठ-साढ़े आठ बजे वह अपने परिवार की अन्य तीन और लड़कियों के साथ शौच के लिए घर से निकली थी।
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गांव से बाहर निकलीं तो वहां पहुंचे एक कार में सवार सुमित, ललित निवासी भगाणा, गांव कुंगड़ निवासी संदीप और भगाना निवासी संदीप स्वामी तथा पांचवें नाबालिग आरोपी ने उन्हें जबरदस्ती कार में खींच लिया। कार में डालकर उन्हें रुमाल से नशा सुंघा दिया। इससे उसकी तीनों सहेलियां बेहोश हो गईं लेकिन उसे थोड़ा बहुत होश था।
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गांव से कुछ दूर ले जाकर इनमें से एक युवक शिकायतकर्ता युवती को झाड़ियों के पीछे ले गया और दुराचार कर डाला। इस दौरान वह बेहोश हो गई। उसे जब होश आया तो खुद को और साथ की लड़कियों को भठिंडा रेलवे स्टेशन पर पाया। उन्होंने वहां से परिजनों को फोन किया।
परिवार वाले उन्हें हिसार लाए और पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस ने युवती की शिकायत पर पांचों युवकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 366 ए, 376, 328, 120 बी, पॉक्सो एक्ट, और एससी एसटी एक्ट के तहत चार युवतियों से दुराचार के आरोप में केस दर्ज किया था।
बवाल के बाद पलायन कर गए थे गांव के कई लोग
इस घटना से गांव में बवाल मच गया। पीड़ित परिवार के साथ गांव के कई लोग पलायन कर लघु सचिवालय में आकर बैठ गए थे। काफी समय बाद ये परिवार दिल्ली पहुंचे। वहां जंतर-मंतर पर धरना दिया था। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में गांव के सरपंच की मिलीभगत बताई थी। जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई थी वे सरपंच के परिवार के ही लोग बताए गए थे।