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5 दिन से एक व्यक्ति के नाम पर बुक था कमरा, पुलिस पहुंची तो 27 लोग खेल रहे थे हाई प्रोफाइल गेम
अविनाश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Aug 2018 05:02 PM IST
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होटल में पुलिस की रेड
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सेक्टर-17 स्थित सिटको के नामी होटल शिवालिक व्यू में हाई प्रोफाइल गैंबलिंग का पूरा खेल कुछ होटल कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार देर रात जब पुलिस ने होटल में छापा मारा तब इंटरकॉम के जरिए जुआरियों को छापे की सूचना दे दी गई, लेकिन पुलिस की घेराबंदी के कारण जुआरी कमरे से निकलकर भाग नहीं सके। बुधवार अल सुबह तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने होटल की चौथी मंजिल स्थित कमरा नंबर 401 से 27 कर्मचारियों को दबोचकर बाहर निकाला।
इस दौरान 16 लाख 40 हजार 768 रुपये बरामद हुए। इसके अलावा कमरे से शराब की कई बोतलें और जुआ खेलने के लिए इस्तेमाल चौकोर फ्रेम सहित सात डाइस और 95 टोकन बरामद हुए। इसके अलावा कमरे से होटल रमाडा के कुछ ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी बरामद किए गए। बड़ा सवाल यह है कि होटल के एक कमरे में 27 हाई प्रोफाइल बिजनेसमैन और रसूखदार लोग जुआ खेल रहे थे लेकिन प्रबंधन से लेकर हाउस कीपिंग स्टाफ, वेटर, फ्रंट ऑफिस और मैनेजर तक को इसकी भनक क्यों नहीं थी।
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इस दौरान 16 लाख 40 हजार 768 रुपये बरामद हुए। इसके अलावा कमरे से शराब की कई बोतलें और जुआ खेलने के लिए इस्तेमाल चौकोर फ्रेम सहित सात डाइस और 95 टोकन बरामद हुए। इसके अलावा कमरे से होटल रमाडा के कुछ ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी बरामद किए गए। बड़ा सवाल यह है कि होटल के एक कमरे में 27 हाई प्रोफाइल बिजनेसमैन और रसूखदार लोग जुआ खेल रहे थे लेकिन प्रबंधन से लेकर हाउस कीपिंग स्टाफ, वेटर, फ्रंट ऑफिस और मैनेजर तक को इसकी भनक क्यों नहीं थी।
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पुलिस ने सूचना देने की की थी अपील
पुलिस गिरफ्त में आरोपी
सामान्य तौर पर कमरे में ठहरे दो लोग एकसाथ खानपान का इतना सामान ऑर्डर नहीं करते, जितना कमरे में मिला। गेस्ट से मिले ऑर्डर को होटल कर्मचारी किचन से कमरे में ले जाकर परोसते हैं लेकिन कमरे में एकसाथ 27 आरोपियों के बैठे होने और सामान बिखरा होने की जानकारी तक होटल मैनेजर के पास नहीं होना हैरानीजनक है जबकि यूटी पुलिस फोर्स बीते कई दिन से शहर के होटलों सहित गेस्ट हाउस, सराय व धर्मशालाओं सहित अन्य संगठनों को कुछ भी संदिग्ध जान पड़ने पर पुलिस को सूचना देने की अपील कर रही है। रेड के दौरान पुलिस ने होटल के डीजीएम सुधीर चावला से भी काफी देर तक पूछताछ की।
फ्रंट ऑफिस इंचार्ज की भूमिका भी संदेह के घेरे में
छापेमारी के दौरान पकड़े गए लोग
जिस समय रेड की गई, उससे पहले और उस दौरान फ्रंट ऑफिस का जिम्मेदार इंचार्ज दीपक था। पुलिस अब दीपक से पूछताछ करने सहित उसकी भूमिका की जांच करेगी। हैरत की बात यह है कि आरोपी पांच दिन से होटल के कमरा नंबर-401 में ठहरे हुए थे लेकिन होटल के रिकॉर्ड में महज कमरा बुक करने वाले अविनाश के बारे में जानकारी थी। लेकिन उनके कमरे में इन पांच दिन में कितने लोग आते-जाते रहे, इस बारे कोई गौर नहीं करना सवाल खड़े करता है।
पांच दिन से खेला जा रहा था जुआ
डीजीएम के मुताबिक अविनाश के नाम पर कमरा नंबर-401 करीब पांच दिन पहले बुक किया गया। सूत्रों की मानें तो बीते अन्य दिनों में भी कमरे में जुआ खेला गया लेकिन पुलिस को कोई संदिग्ध हरकत होने की सूचना नहीं दी गई। पुलिस आरोपियों के अलावा अब होटल प्रबंधन के जिम्मेदार फ्रंट ऑफिसर व मैनेजर सहित अन्यों से पूछताछ करेगी ताकि पता लग सके कि आरोपी किस कर्मचारी या अधिकारी के करीबी रहे हैं।
पांच दिन से खेला जा रहा था जुआ
डीजीएम के मुताबिक अविनाश के नाम पर कमरा नंबर-401 करीब पांच दिन पहले बुक किया गया। सूत्रों की मानें तो बीते अन्य दिनों में भी कमरे में जुआ खेला गया लेकिन पुलिस को कोई संदिग्ध हरकत होने की सूचना नहीं दी गई। पुलिस आरोपियों के अलावा अब होटल प्रबंधन के जिम्मेदार फ्रंट ऑफिसर व मैनेजर सहित अन्यों से पूछताछ करेगी ताकि पता लग सके कि आरोपी किस कर्मचारी या अधिकारी के करीबी रहे हैं।
27 आरोपियों में एक लॉटरी का बड़ा कारोबारी
पुलिस रेड
पुलिस ने रेड कर जिन 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें राजपुरा के मॉडल टाउन निवासी लॉटरी का एक बड़ा कारोबारी भी शामिल है। आरोपी की पहचान करीब साठ वर्षीय अशोक मेहता के रूप में हुई है। इसके अलावा पुलिस ने चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली, जालंधर, पटियाला व बठिंडा निवासी आरोपी गुलजार सिंह, राकेश कुमार, संजीव कालरा, प्रमोद कुमार, कृष्ण, हरप्रीत सिंह, अमरजीत सिंह, लोकेश कुमार, तरसेम कुमार, मोहिंदर सिंह, गुरमेल सिंह, पुनीत आहुजा, पितांबर दत्त, करन, गौरव सूद, गौरव, भूपिंदर सिंह, सुखप्रीत सिंह, हर्ष कुमार, दमनप्रीत, गुरप्रीत सिंह, सरबजीत सिंह, संदीप अरोड़ा, जोगिंदर सिंह, रिशु कुमार, और अमरजीत शामिल हैं।
सरगना अविनाश माशा पुलिस की रडार पर
शिवालिक व्यू में कमरा नंबर 401 में जुए की बिसात बिछाने वाले आरोपियों का हेड अविनाश माशा बताया जा रहा है। यूटी पुलिस की रडार पर आए माशा से यूटी पुलिस जल्द पूछताछ करेगी। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह डाइस के जरिए गैंबलिंग अविनाश माशा और उसके साथियों की मदद से खेलते रहे हैं। आरोपी लकी सेवन नंबर से जुआ खेल रहे थे, जो दाव लगने पर जीत की रकम दोगुनी होकर मिलती थी। जीत की रकम खेल के अंत में सेटल होती थी।
सरगना अविनाश माशा पुलिस की रडार पर
शिवालिक व्यू में कमरा नंबर 401 में जुए की बिसात बिछाने वाले आरोपियों का हेड अविनाश माशा बताया जा रहा है। यूटी पुलिस की रडार पर आए माशा से यूटी पुलिस जल्द पूछताछ करेगी। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह डाइस के जरिए गैंबलिंग अविनाश माशा और उसके साथियों की मदद से खेलते रहे हैं। आरोपी लकी सेवन नंबर से जुआ खेल रहे थे, जो दाव लगने पर जीत की रकम दोगुनी होकर मिलती थी। जीत की रकम खेल के अंत में सेटल होती थी।