सांसद किरण खेर और टंडन गुट से हाईकमान नाराज, सलारिया से दोबारा पुलिस ने की पूछताछ
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सांसद किरण खेर के नजदीकी सहदेव सलारिया की जन्मदिन पार्टी में हुए गोलीकांड और उसके बाद के घटनाक्रम से पार्टी हाईकमान दोनों ही गुट से नाराज है। हाईकमान मान रहा है कि गोली चलने और उसके बाद के घटनाक्रम से पार्टी की किरकिरी हुई है। जिस तरह से पार्टी के दोनों गुट एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, उसे विपक्षी पार्टियां मुद्दा बना सकती हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि हाईकमान किरण खेर से इस बात में नाराज हैं कि उन्होंने सलारिया को इतनी छूट क्यों दी।
पार्टी लाइन से हटकर वे शहर में कार्यक्रम कैसे करते रहे। इससे पार्टी का सिस्टम बिगड़ा है और गुटबाजी को बढ़ावा देने का काम किया है। आलाकमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन से भी नाराज है। घटना के बाद पार्टी अध्यक्ष को इस मामले को कंट्रोल करना चाहिए था, लेकिन इस दिशा में कदम उठाने के बजाय उन्होंने इसकी रिपोर्ट सीधे दिल्ली भेज दी। इससे भी गुटबाजी को हवा मिली है।
दोनों ही गुटों ने अपनी लंबी शिकायतें आलाकमान के पास भेजवाईं। टंडन गुट की ओर से रिपोर्ट भेजने के बाद किरण खेर से जुड़े पार्षदों के एक गुट ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र भेजकर अध्यक्ष संजय टंडन को हटाने की मांग की थी। पार्षदों का कहना है कि वे सांसद, पूर्व सांसद, मेयर और कुछ पार्षदों की छवि को बदनाम कर रहे हैं। इससे पार्टी को भारी क्षति हो रही है। वहीं टंडन ने आलाकमान को शिकायत भेजकर सहदेव सलारिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही यह भी बताया था कि पार्टी में कौन-कौन से पार्षद मौजूद थे।
कहीं साल 2014 की तरह किसी तीसरे को टिकट न मिल जाए
साल 2014 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन को टिकट दिए जाने की चर्चा चल रही थी, मगर तीनों के बीच गुटबाजी के कारण किरण खेर को टिकट दिया गया था। पार्टी को महसूस हुआ कि यदि तीन में से किसी एक को टिकट मिली तो बाकी दोनों नाराज हो जाएंगे।
किरण खेर के सांसद बनने के बाद गुटबाजी खत्म होने के बजाय और बढ़ गई। बदलाव यही आया है कि तीन के बजाय दो गुट बन गए। एक टंडन गुट और दूसरा किरण खेर गुट। सत्यपाल जैन फिलहाल शांत हैं। चुनाव नजदीक है और गुटबाजी खत्म होने के आसार नहीं हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं साल 2014 की तरह से साल 2019 में भी कोई तीसरा लोकसभा की टिकट की बाजी न मार ले जाए।
नैतिक आधार पर सांसद किरण खेर दें इस्तीफा : कांग्रेस
कांग्रेस ने प्रेसवार्ता कर नैतिक आधार पर सांसद किरण खेर से इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस ने मांग की है कि सांसद के राजनीतिक सलाहकार सहदेव सलारिया को चंडीगढ़ पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार करे। कांग्रेस ने जांच में ढीला रवैया अपनाने और बीजेपी के नेताओं को बचाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि पुलिस सलारिया का नाम एफआईआर में दर्ज करे क्योंकि जिस पार्टी में गोली चली उसके आयोजक वही थे।
पत्रकारों से बातचीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि इस पूरे मामले पर निष्पक्ष जांच हो। बीजेपी के शासन में चंडीगढ़ की कानून व्यवस्था बदतर हो गई है। बीजेपी में अपराधी हावी हैं। शहर में सरेआम गोली चलना एक गंभीर घटना है। इस गोलीकांड के दौरान बीजेपी के कई नेता मौजूद थे और पुलिस महकमा सबको बचाने में लगा है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि सलारिया को बचाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस पूरा जोर लगा रही है और इसी के खिलाफ कांग्रेस शनिवार को ब्लाक स्तर पर धरना प्रदर्शन करेगी।
सलारिया से दोबारा थाने में पूछताछ, केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर
चंडीगढ़ के सेक्टर-26, मध्य मार्ग स्थित एफ बार एवं डिस्कोथेक में बीते सोमवार आधी रात फायरिंग के मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह सहदेव सलारिया को दोबारा पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इस बार भी सोमवार की तर्ज पर ही पुराने बयान दर्ज कर सलारिया को कुछ ही मिनटों में वापस भेज दिया गया। पूछताछ में सलारिया से पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लगा।
सलारिया ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बर्थडे पार्टी के लिए एफ बार बुक करवाकर गेस्ट बुलाए थे। केक काटने तक वह पार्टी में रहे लेकिन इसके बाद वहां से चले गए थे। सलारिया ने पुलिस को बताया कि गोली चलने के समय वह एफ बार में मौजूद नहीं थे। सलारिया के पुलिस थाने से लौटने के कुछ ही समय बाद उच्च अधिकारियों ने केस थाने से वापस लेकर क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। केस की जांच और फरार आरोपियों की धरपकड़ का जिम्मा अब क्राइम ब्रांच पर है।
आरोपी पार्टियों के शौकीन, काले कारनामे छुपाने को हुए भाजपा में शामिल
आरोपी चेतन मुंजाल, अर्जुन, रिंकू, रिम्मी और राजेश पासवान चंडीगढ़ के क्लब, डिस्कोथेक एवं बार में होने वाली पार्टियों में देर रात तक मौजूद रहने के शौकीन हैं। आरोपी रिम्मी, अर्जुन सहित अन्य चंडीगढ़ के लगभग सभी डिस्कोथेकस में आते-जाते रहे हैं। यही कारण है कि सेक्टर-3 थाना और सेक्टर-26 थाने के पुलिसकर्मी आरोपियों को उनके नाम से ही जानते हैं। आरोपी राकेश पासवान और चेतन मुंजाल ने बीते समय भाजपा का साथ भी इस कारण थामा था कि उनके काले कारनामों का पर्दाफाश न हो सके लेकिन गिरोह के सदस्यों समेत वे आपराधिक वारदातों से किनारा नहीं कर सके।