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करनाल: पुलिस एनकाउंटर में मारा गया हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर
सोमदत्त शर्मा/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Updated Sun, 09 Apr 2017 09:08 AM IST
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हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया
- फोटो : अमर उजाला
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मोस्टवांटेड सुरेंद्र ग्योंग करनाल पुलिस के एनकाउंटर में ढेर हो गया है। करनाल के असंध हल्का के गांव राहड़ा मैं सुरेंद्र एनकाउंटर हुए है, जिसके चलते पुलिस के तमाम आलाअधिकारी मौके पर मौजूद हैं। आपको बता दें कि सुरेंद्र ग्योंग पर कई राज्यों से हत्या, लूट और फिरौती के दर्जनों मामले दर्ज थे। कुछ माह पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा के लिए हाई कोर्ट में भी सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
1999 में की थी हत्या, डकैती की शुरुआत
सुरेंद्र ग्योंग ने वर्ष 1999 में हत्या, डकैती अपहरण की शुरुआत थी। करीब सात साल कैथल में इसका पूरा आतंक रहा। पहले यह कृष्ण पहलवान के साथ मिलकर धंधा करता था। लेकिन पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों में अनबन हो गई। इसके बाद इनका गैंग दो गुटों में बंट गया। सुरेंद्र ग्योंग गुट ने पुराने बस अड्डा के सामने कृष्ण पहलवान की हत्या कर दी।इस हत्या के बाद शहर में सुरेंद्र ग्योंग की ज्यादा दहशत हो गई। फिरौती का धंधा भी खूब चला।
शहर के करीब 40 व्यापारी डाक्टरों से फिरौती ली। पत्रकार परमानंद की हत्या भी इसी गुट ने की। उसमें ग्योंग को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके बाद कृष्ण पहलवान सुरेंद्र ग्योंग गुट में आपसी गैंगवार चला। इसमें दोनों गुटों के सात आठ लोग मारे गए। कांग्रेस का राज आने के बाद प्लाइवुड का धंधा करने वाले नरेंद्र अरोड़ा की हत्या कर दी। इस हत्या का पूरे शहर ने विरोध किया। कैथल में एक समय ऐसा गया था, जब लोग दिन छिपते ही घरों से बाहर निकलना बंद हो गए थे। नरेंद्र अरोड़ा की हत्या के आरोपी तीन बदमाश फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दक्षिण अफ्रीका भाग गए थे। बाद मैं उन्हें काबू किया गया था।
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1999 में की थी हत्या, डकैती की शुरुआत
सुरेंद्र ग्योंग ने वर्ष 1999 में हत्या, डकैती अपहरण की शुरुआत थी। करीब सात साल कैथल में इसका पूरा आतंक रहा। पहले यह कृष्ण पहलवान के साथ मिलकर धंधा करता था। लेकिन पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों में अनबन हो गई। इसके बाद इनका गैंग दो गुटों में बंट गया। सुरेंद्र ग्योंग गुट ने पुराने बस अड्डा के सामने कृष्ण पहलवान की हत्या कर दी।इस हत्या के बाद शहर में सुरेंद्र ग्योंग की ज्यादा दहशत हो गई। फिरौती का धंधा भी खूब चला।
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शहर के करीब 40 व्यापारी डाक्टरों से फिरौती ली। पत्रकार परमानंद की हत्या भी इसी गुट ने की। उसमें ग्योंग को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके बाद कृष्ण पहलवान सुरेंद्र ग्योंग गुट में आपसी गैंगवार चला। इसमें दोनों गुटों के सात आठ लोग मारे गए। कांग्रेस का राज आने के बाद प्लाइवुड का धंधा करने वाले नरेंद्र अरोड़ा की हत्या कर दी। इस हत्या का पूरे शहर ने विरोध किया। कैथल में एक समय ऐसा गया था, जब लोग दिन छिपते ही घरों से बाहर निकलना बंद हो गए थे। नरेंद्र अरोड़ा की हत्या के आरोपी तीन बदमाश फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दक्षिण अफ्रीका भाग गए थे। बाद मैं उन्हें काबू किया गया था।
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