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Haryana: गलत हलफनामे से हाईकोर्ट में पांच साल लटका रहा मामला, एचएसवीपी पर 50 हजार जुर्माना
Thu, 10 Aug 2023 12:50 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/पानीपत
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:50 AM IST
सार
जुर्माना राशि को दोषी अधिकारी से वसूल करने की हाईकोर्ट ने एचएसवीपी को छूट दी है। हर जिले में लॉ अधिकारी मौजूद फिर भी हलफनामे में चूक पर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई है। बैक्विट हॉल में अतिक्रमण से जुड़ा मामला था, 2018 से हाईकोर्ट में लंबित है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पानीपत के नवकार बैंक्विट हॉल पर कार्रवाई को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के गलत हलफनामे के चलते मामले के पांच साल अदालत में लटकने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने यह राशि हाईकोर्ट की लीगल सर्विस कमेटी में जमा करवाने का आदेश दिया है और दोषी अधिकारी से इसे वसूलने की प्राधिकरण को छूट दी है।
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मामले में याचिकाकर्ता जोगिंदर स्वामी ने कोर्ट को बताया था कि एंजल प्राइम मॉल में एचएसवीपी के अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। इसके बाहर बनी सभी दुकानें अवैध हैं और जहां पार्किंग की जगह थी, उसमें बैंक्विट हॉल बना दिया गया।
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अगर हादसा होता है तो उपहार सिनेमा कांड की तरह सैकड़ों लोगों की जिंदगी जा सकती है। याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर जवाब मांगा था। 2018 में एचएसवीपी ने हलफनामा दाखिल कर बताया था कि सभी कॉमर्शियल इमारत, शॉपिंग मॉल व कम्यूनिटी सेंटर का जिम्मा पानीपत नगर निगम का है।
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कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है, इसको लेकर 2018 से 2023 तक यह मामला लटकता रहा। 19 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट ने एचएसवीपी व नगर निगम दोनों के अधिकारियों को तलब कर लिया था। आदेश के अनुरूप अधिकारी हाजिर रहे और इस दौरान एचएसवीपी ने अपनी गलती मानी और कहा कि 2018 में सौंपा हलफनामा सही नहीं था।
अधिकारी 2017 के पत्र की व्याख्या सही नहीं कर सके इसलिए चूक हुई। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि जब हर जिले में कानून अधिकारी मौजूद हैं तो कैसे इस प्रकार की चूक हो सकती है। कोर्ट ने इसके लिए प्राधिकरण पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए यह राशि दोषी अधिकार से वसूलने की छूट दी है।
कोर्ट के आदेश पढ़े हैं। इसमें जुर्माना संपदा अधिकारी पर नहीं बल्कि गलती करने वाले अधिकारी पर लगाया गया है, जो कि उस समय सुनवाई अधिकारी रहा होगा। वहीं, एचएसवीपी मॉल को सील कर जब्त करेगा। मॉल का आवंटन भी रद्द किया जाएगा। - विजय राठी, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी।