कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की छात्रा ने हॉस्टल में फंदा लगा की खुदकुशी
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के गर्ल्स होस्टल नंबर 6 में एमएससी (ज्योग्राफी) फाइनल की एक छात्रा ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे अपने कमरे में चुन्नी को फंदा गले में डालकर खुदकुशी कर ली। कमरे से बरामद सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘सुरेंद्र को सजा मिलनी चाहिए’। इस घटना के दौरान छात्रा की मां कमरे के बाहर ही बैठी थी और उसके बाहर आने का इंतजार कर रही थी।
वह गांव से बेटी को खर्चे के लिए पैसे देने आई थी। कुछ देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो महिला ने शोर मचाया। इसके बाद हॉस्टल की और छात्राएं भी वहां पहुंच गई। किसी तरह दरवाजा खुला तो देखा कि छात्रा फंदे से लटक रही थी। बदहवास मां ने चाकू से फंदा काट कर बेटी को नीचे उतारा।
अर्द्धचेतन हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया। इस घटना से यूनिवर्सिटी में हडकंप मच गया। छात्रा की मां का भी आरोप है कि उसकी बेटी किसी लड़के से परेशान थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है।
गर्ल्स हॉस्टल नंबर 6 (सुभद्रा भवन) के कमरा नंबर 18 में रहने वाली छात्रा पिहोवा के गांव भाखली निवासी दलजौत कौर ने जिस वक्त फांसी लगाई उसकी मां परमजीत कौर भी होस्टल में मौजूद थी। हालांकि वह कमरे से बाहर थी और उसका भाई मनजीत हॉस्टल के मेन गेट से बाहर खड़ा था। सूत्रों के अनुसार परमजीत कौर को जब कुछ गड़बड़ी लगी तो उसने दरवाजा पीटा। शोर सुनकर छात्राएं वहां पहुंची।
सुसाइड नोट में लिखा, 'सुरेंद्र को सजा मिलनी चाहिए'
सीसीटीवी फुटेज में यह बात सामने आई कि दलजौत की मां परमजीत 4 बजकर 29 मिनट पर उससे मिलने हॉस्टल आई थी। वह रिसेप्शन पर रुकी और फिर दलजौत उससे मिलने आई। कुछ देर दोनों में बातचीत हुई। इसके बाद दलजौत कमरे में चली गई, इधर परमजीत रिसेप्शन पर ही बैठी उसका इंतजार करती रही।
कमरे से मिला सुसाइट नोट
शाम को हॉस्टल में दलजौत कौर के कमरे की जांच करने पहुंची पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। हालांकि इस नोट में ज्यादा कुछ नहीं लिखा लेकिन सुरेंद्र को सजा मिलनी चाहिए शब्द ने पुलिस का काम आसान कर दिया है। नोट में लिखा है कि रॉकी से लैपटॉप और पैसे ले लेना और दूसरी लाइन में किसी सुरेंद्र का नाम लिख कर आगे लिखा है कि उसे उसे सजा मिलनी चाहिए। बताया जाता है कि जिस सुरेंद्र का नाम सुसाइट नोट में लिखा है, वह ही उसे परेशान कर रहा था। सुरेंद्र सिरसिला गांव का निवासी है।
इकलौती बेटी थी दलजौत
दलजौत के भाई मनजीत ने बताया कि उसके पिता अमेरिका में हैं। वहीं काम करते हैं। दलजौत और वह दो ही संतान है। अपनी इकलौती बहन की मौत से मनजीत बदहवास सा हो गया है।