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तीसरी क्लास की छात्राओं ने दिया पुलिस को गच्चा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 08 Dec 2013 02:11 PM IST
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स्कूल से छुट्टी के बाद डेढ़ घंटे देरी से पहुंची दो बच्चियों ने घरवालों की डांट से बचने के लिए किडनैपिंग की झूठी कहानी बना ली। उन्होंने परिजनों को बताया कि उनको ऑटो चालक किडनैप कर ले गया था।
बाद में उनको तो छोड़ गया लेकिन एक अभी भी उसके पास है। रात करीब 8:30 बजे पुलिस को पता चला कि तीसरी कोई बच्ची नहीं है। बच्चियों ने डांट से बचने के लिए यह कहानी बनाई थी।
विकास नगर के सरकारी स्कूल में तीसरी में पढ़ने वाली दो बच्चियां शाम 5 बजे छुट्टी होने के बाद डेढ़ घंटा देरी से अपने घर पहुंचीं। घर वालों ने देरी से आने का कारण पूछा तो झूठी कहानी बता दी। इस सूचना से परिजनों और मौली जागरां पुलिस के होश उड़ गए।
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पुलिस दो घंटे तक इधर से उधर दौड़ती रही। चौकी इंचार्ज रणजीत सिंह ने बताया कि दोनों बच्चियां स्कूल से छुट्टी के बाद अपनी सहेली के घर पर कंप्यूटर की कॉपी लेने चली गई थीं। इस कारण वे डेढ़ घंटा लेट हो गईं।
पुलिस ने छानबीन के बाद लोगों को सच्चाई बताई तो लोगों की जान में जान आई। तीसरी ऐसी कोई लड़की ही नहीं थी जिसका अपहरण हुआ था।
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बाद में उनको तो छोड़ गया लेकिन एक अभी भी उसके पास है। रात करीब 8:30 बजे पुलिस को पता चला कि तीसरी कोई बच्ची नहीं है। बच्चियों ने डांट से बचने के लिए यह कहानी बनाई थी।
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विकास नगर के सरकारी स्कूल में तीसरी में पढ़ने वाली दो बच्चियां शाम 5 बजे छुट्टी होने के बाद डेढ़ घंटा देरी से अपने घर पहुंचीं। घर वालों ने देरी से आने का कारण पूछा तो झूठी कहानी बता दी। इस सूचना से परिजनों और मौली जागरां पुलिस के होश उड़ गए।
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पुलिस दो घंटे तक इधर से उधर दौड़ती रही। चौकी इंचार्ज रणजीत सिंह ने बताया कि दोनों बच्चियां स्कूल से छुट्टी के बाद अपनी सहेली के घर पर कंप्यूटर की कॉपी लेने चली गई थीं। इस कारण वे डेढ़ घंटा लेट हो गईं।
पुलिस ने छानबीन के बाद लोगों को सच्चाई बताई तो लोगों की जान में जान आई। तीसरी ऐसी कोई लड़की ही नहीं थी जिसका अपहरण हुआ था।