Exclusive: आईएसआई की महिला एजेंट को सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां भेजता था गौरव
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जिला पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी की टीम ने 15 अप्रैल को डबल पार्क से आईएसआई महिला एजेंट को सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी भेजने के आरोप में सोनीपत जिले के गन्नौर निवासी 20 वर्षीय गौरव को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि वह पाकिस्तान की आईएसआई की एक महिला एजेंट के झांसे में आकर सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। जब पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए गई थी तो गौरव ने मोबाइल को जमीन पर पटककर तोड़ दिया था।
इसके बाद ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। गौरव द्वारा दो महिलाओं को सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां भेजने का खुलासा पुलिस ने किया था। बाद में दिल्ली निवासी महिला अमिता को पुलिस ने क्लीनचिट दे दी थी। जबकि दूसरी अमिता पाकिस्तान के रावल पिंडी की निकली थी।
मोबाइल का डाटा नहीं हो सका था रिकवर
पुलिस की गिरफ्तारी से पूर्व ही आरोपी गौरव ने अपने मोबाइल को जमीन पर पटककर तोड़ दिया था। पुलिस ने गौरव और आईएसआई एजेंट के बीच हुई बातचीत और ऑडियो कॉल को निकालने के लिए मोबाइल को गुरुग्राम की लैब भेजा था। मगर लैब में मोबाइल से डाटा रिकवर नहीं हो सका।
प्रेम जाल में फंसाकर गोपनीय जानकारियां हासिल करती है महिला एजेंट
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की महिला आईएसआई एजेंट युवकों को प्रेम जाल में फंसाकर युवकों से सेना और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल करती हैं। गौरव को भी प्रेम जाल में फंसाकर एजेंट ने कई तरह की जानकारियां हासिल की थीं।
हो सकती है उम्रकैद तक की सजा
वरिष्ठ अधिवक्ता करण सिंह ने बताया कि महिला आईएसआई एजेंट को गोपनीय सूचना भेजने का मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए इस मामले में तीन से लेकर 14 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा पचास हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।