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मेडिकल में स्टेट टॉपर बना कुख्यात गैंगस्टर, गैंग का सरगना
देवेंद्र यादव/अमर उजाला, नारनौल
Updated Thu, 10 Mar 2016 02:53 PM IST
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गैंगस्टर कुलदीप
- फोटो : अमर उजाला
2005 में प्री-मेडिकल टेस्ट में स्टेट टॉपर रहा। रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस किया और डॉक्टरी करते करते गैंगस्टर बन गया। ये कहानी है कुलदीप की, जिसके बारे में उस समय शायद किसी ने भी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन वह अपराध की दुनिया में इनामी बदमाश बन जाएगा। रोहतक में एमबीबीएस में दाखिला लेने के बाद कुलदीप ने वहां जाकर ही अपराध की दुनिया में कदम रखा। आज वह दक्षिणी हरियाणा का नामी बदमाशों में से एक है।
महेंद्रगढ़ शहर से दो किलोमीटर दूर स्थित गांव खायरा निवासी कुलदीप का 2005 तक अपराध की दुनियां से कोई लेनादेना नहीं था। उनके परिचितों और अच्छे जानकारों की मानें तो वह पढ़ाई में बहुत होशियार था। उसने 2005 में आयोजित प्री-मेडिकल परीक्षा में स्टेट में दूसरा रैंक प्राप्त किया था। इसके बाद उसने पीजीआईएमएस रोहतक में एमबीबीएस में दाखिला ले लिया।
वहां पर एक साल तक सब ठीक रहा, मगर एक साल बाद कुलदीप धीरे-धीरे बदमाशों से मिलने लगा और उसका नाता अपराध की दुनिया के लोगों से हो गया। इसके बाद से उसकी एमबीबीएस परीक्षा में कई ‘री’ आती गई। परीक्षा में लगातार ‘री’ आने के बाद भी वह करीब पांच-छह साल वहीं रहा। इसके बाद जब वह वापस महेंद्रगढ़ आया तो उसका साथ बड़े अपराधियों से हो गया।
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सबसे पहले करने लगे जमीनों पर कब्जा
वर्ष 2012 में कुलदीप उर्फ डाक्टर और बब्बू जमीनों पर कब्जा करके उसे मुनाफा लेने का कार्य करते थे। इसी दौरान पैसे के बंटवारा और आपसी सरगना बनाने के वर्चस्व को लेकर दोनों में विवाद हो गया। वर्चस्व की लड़ाई के कारण कुलदीप ने 18.10.2012 में बब्बू को गांव खायरा में गोली मार दी। इसमें वह घायल हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में दुश्मनी बढ़ गई। दोनों पक्षों में गैंग वार शुरू हो गया।
सबसे पहले बब्बू पक्ष ने अभय सिंह वासी नांगल सिरोही की हत्या सात नवंबर 2012 को गांव नांगल सिरोही की। इसके बाद शक्ति वासी खैराली की हत्या तीन मार्च 2014 की रात्रि को सुरेंद्र उर्फ चिक्कू वासी मोहनपुर ने अपने साथियों के साथ उसी के घर में घुसकर की। गैंगवार के चलते दोनों पक्ष एक दूसरे पक्ष के सदस्यों को अपना निशाना बनाते रहे।
फरवरी 2014 में कुलदीप उर्फ डॉक्टर द्वारा महेंद्रगढ़ कोर्ट में पेशी पर आए बब्बू और प्रवीण खायरा पर अपने साथियों के साथ गोलीबारी की। इसमें एक पुलिस कर्मचारी गोली लगने से घायल हो गया।
व्यापारियों को करने लगा परेशान
पुलिस के अनुसार एक साल से कुलदीप ने पैसे के लिए आम व्यापारी को परेशान करना शुरू कर दिया था। वह आम व्यापारी से पैसे मांगने लगा। उसने महेंद्रगढ़ के अलावा रेवाड़ी और राजस्थान से भी व्यापारियों और धनी लोगों से रंगदारी मांगी। रेवाड़ी शहर में सर्राफा व्यापारी से पैसे लेने के लिए आए उसके दो साथी पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे। उस समय गैंग का सरगना कुलदीप भागने में कामयाब हो गया था।
ये हैं दो मुख्य गैंग
पुलिस रिकार्ड के अनुसार जिला में दो गैंग सक्रिय हैं। इनमें चिक्कू गैंग और डॉक्टर गैंग मुख्य हैं। चिक्कू गैंग के सरगना सुरेंद्र उर्फ चिक्कू पुत्र शेर सिंह जाति जाट वासी मोहनपुर थाना सदर नारनौल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो नारनौल जेल में है। वहीं इस गैंग के सदस्य- नरेश उर्फ पोलड़, बब्बू, प्रवीण वासी खायरा, धर्मबीर उर्फ टाइगर वासी नांगल सिरोही, जोगेंद्र उर्फ जोगड़ वासी बारड़ा।
वहीं गैंगवार में इस गैंग के संदीप वासी खैरोली व आजाद सिंह वासी खायरा की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी गैंग डॉक्टर गैंग है। जिसमें कुलदीप उर्फ डाक्टर गैंग का सरगना है। वहीं निक्कू बवानियां, शक्ति गुर्जर वासी खैरोली, अभय सिंह वासी नांगल सिरोही इन सभी की गैंगवार में मृत्यु हो चुकी है। जबकि बब्लू वासी नांगल सिरोही जेल में है। इस गैंग का एक सदस्य अनिल उर्फ खड्डा वासी छितरौली फरार है।
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महेंद्रगढ़ शहर से दो किलोमीटर दूर स्थित गांव खायरा निवासी कुलदीप का 2005 तक अपराध की दुनियां से कोई लेनादेना नहीं था। उनके परिचितों और अच्छे जानकारों की मानें तो वह पढ़ाई में बहुत होशियार था। उसने 2005 में आयोजित प्री-मेडिकल परीक्षा में स्टेट में दूसरा रैंक प्राप्त किया था। इसके बाद उसने पीजीआईएमएस रोहतक में एमबीबीएस में दाखिला ले लिया।
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वहां पर एक साल तक सब ठीक रहा, मगर एक साल बाद कुलदीप धीरे-धीरे बदमाशों से मिलने लगा और उसका नाता अपराध की दुनिया के लोगों से हो गया। इसके बाद से उसकी एमबीबीएस परीक्षा में कई ‘री’ आती गई। परीक्षा में लगातार ‘री’ आने के बाद भी वह करीब पांच-छह साल वहीं रहा। इसके बाद जब वह वापस महेंद्रगढ़ आया तो उसका साथ बड़े अपराधियों से हो गया।
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सबसे पहले करने लगे जमीनों पर कब्जा
वर्ष 2012 में कुलदीप उर्फ डाक्टर और बब्बू जमीनों पर कब्जा करके उसे मुनाफा लेने का कार्य करते थे। इसी दौरान पैसे के बंटवारा और आपसी सरगना बनाने के वर्चस्व को लेकर दोनों में विवाद हो गया। वर्चस्व की लड़ाई के कारण कुलदीप ने 18.10.2012 में बब्बू को गांव खायरा में गोली मार दी। इसमें वह घायल हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में दुश्मनी बढ़ गई। दोनों पक्षों में गैंग वार शुरू हो गया।
सबसे पहले बब्बू पक्ष ने अभय सिंह वासी नांगल सिरोही की हत्या सात नवंबर 2012 को गांव नांगल सिरोही की। इसके बाद शक्ति वासी खैराली की हत्या तीन मार्च 2014 की रात्रि को सुरेंद्र उर्फ चिक्कू वासी मोहनपुर ने अपने साथियों के साथ उसी के घर में घुसकर की। गैंगवार के चलते दोनों पक्ष एक दूसरे पक्ष के सदस्यों को अपना निशाना बनाते रहे।
फरवरी 2014 में कुलदीप उर्फ डॉक्टर द्वारा महेंद्रगढ़ कोर्ट में पेशी पर आए बब्बू और प्रवीण खायरा पर अपने साथियों के साथ गोलीबारी की। इसमें एक पुलिस कर्मचारी गोली लगने से घायल हो गया।
व्यापारियों को करने लगा परेशान
पुलिस के अनुसार एक साल से कुलदीप ने पैसे के लिए आम व्यापारी को परेशान करना शुरू कर दिया था। वह आम व्यापारी से पैसे मांगने लगा। उसने महेंद्रगढ़ के अलावा रेवाड़ी और राजस्थान से भी व्यापारियों और धनी लोगों से रंगदारी मांगी। रेवाड़ी शहर में सर्राफा व्यापारी से पैसे लेने के लिए आए उसके दो साथी पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे। उस समय गैंग का सरगना कुलदीप भागने में कामयाब हो गया था।
ये हैं दो मुख्य गैंग
पुलिस रिकार्ड के अनुसार जिला में दो गैंग सक्रिय हैं। इनमें चिक्कू गैंग और डॉक्टर गैंग मुख्य हैं। चिक्कू गैंग के सरगना सुरेंद्र उर्फ चिक्कू पुत्र शेर सिंह जाति जाट वासी मोहनपुर थाना सदर नारनौल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो नारनौल जेल में है। वहीं इस गैंग के सदस्य- नरेश उर्फ पोलड़, बब्बू, प्रवीण वासी खायरा, धर्मबीर उर्फ टाइगर वासी नांगल सिरोही, जोगेंद्र उर्फ जोगड़ वासी बारड़ा।
वहीं गैंगवार में इस गैंग के संदीप वासी खैरोली व आजाद सिंह वासी खायरा की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी गैंग डॉक्टर गैंग है। जिसमें कुलदीप उर्फ डाक्टर गैंग का सरगना है। वहीं निक्कू बवानियां, शक्ति गुर्जर वासी खैरोली, अभय सिंह वासी नांगल सिरोही इन सभी की गैंगवार में मृत्यु हो चुकी है। जबकि बब्लू वासी नांगल सिरोही जेल में है। इस गैंग का एक सदस्य अनिल उर्फ खड्डा वासी छितरौली फरार है।