जीरकपुर में हुए एनकाउंटर में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर अंकित भादू को पंजाब पुलिस ने मार गिराया है। लगभग 30 से 35 मिनट चले एनकाउंटर से पूरे जीरकपुर में सनसनी फैल गई। लोग जब तक कुछ समझते तब तक गैंगस्टर का काम तमाम हो चुका था। अब ज्यादातर लोग गैंगस्टर अंकित भादू के बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर वो कौन था ?
जीरकपुर एनकाउंटरः मारे गए गैंगस्टर अंकित भादू के बारे में पढ़ें वो सबकुछ जो आपको शायद ही पता हो
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आर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल (ओसीसी) यूनिट की स्पेशल पुलिस टीम ने फिल्मी स्टाइल में गैंगस्टर अंकित भादू को मार गिराया। एनकाउंटर जीरकपुर स्थित महालक्ष्मी अपार्टमेंट में हुआ। अंकित भादू पर एक लाख रुपये का इनाम था। इसकी पंजाब-हरियाणा और राजस्थान को तलाश थी। मोस्ट वांटेड गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गिरोह का वह गुर्गा था।
एनकाउंटर में अपार्टमेंट में रहने वाली छह वर्षीय एक बच्ची और एक एएसआई भी गोली लगने से घायल हुए हैं। मुठभेड़ में लारेंस बिश्नोई गिरोह के दो बदमाशों गुरमिंदर सिंह उर्फ गिंदा काणा और जर्मन सिंह उर्फ जर्मन निवासी अमृतसर को पुलिस ने दबोच लिया।
एआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि अंकित भादू लारेंस बिश्नोई गिरोह का नामी गैंगस्टर था, जिसकी पंजाब, हरियाणा औ राजस्थान तीनों राज्यों की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। अंकित भादू के विरुद्ध उक्त तीनों राज्यों में 20 से 22 कत्ल, लूट, फिरौती समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। खास बात यह है कि राजस्थान के डीजीपी कपिल गर्ग ने एनकाउंटर से एक दिन पहले ही 6 फरवरी को अंकित भादू पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
राजस्थान समेत पंजाब और हरियाणा में आतंक का पर्याय बने अंकित भादू हरियाणा के बदमाश लारेंस बिश्नोई गैंग का मुख्य सहयोगी था। अंकित के खिलाफ राजस्थान के श्रीगंगानगर में लूटपाट, डकैती और हत्या समेत अन्य मामलों में लगभग 15 मुकदमे दर्ज है। इनमें दो केस हत्या से जुड़े बताए जा रहे हैं।
कुछ माह पहले दूसरे गैंग के बदमाश जॉर्डन हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार भी अंकित भादू ही था। जार्डन की एक जिम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिछले साल 12 अगस्त को श्रीगंगानगर के सादुलशहर में अंकित भादू की पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद वह फायरिंग करते हुए फरार हो गया था। तब अंकित पर राजस्थान पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
इधर जैसे ही अंकित भादू के एनकाउंटर की सूचना सोशल मीडिया पर फैली तो भादू के पैतृक गांव शेरेवाला में भी लोगों में हलचल शुरू हो गई। हालांकि इस बारे में गांव का कोई भी व्यक्ति बात करने को तैयार नहीं हुआ। लेकिन पूरे गांव में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बारे में चर्चा हो रही है। अंकित भादू के चाचा पूर्व सरपंच रविंद्र भादू ने अंकित की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि घटना का पता चलते ही पूरे घर में शोक की लहर दौड़ गई है।