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बैंक अधिकारी बन आधार कार्ड नंबर मांगा और निकाल लिए 30 हजार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:53 PM IST
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ऑनलाइन फ्रॉड
- फोटो : फाइल फोटो
एटीएम कार्ड बदलकर और बैंक खाते की डिटेल लेकर ठगी करने के मामले के बाद अब एक नया साइबर क्राइम सामने आया है। इस बार आरोपियों ने बैंक अधिकारी बनकर आधार कार्ड का नंबर लिया। इसके बाद करीब 31 हजार रुपये की चपत लगाई। आरोपियों ने 22 हजार की तो ऑनलाइन शॉपिंग की और नौ हजार रुपये का बिल पेमेंट किया।
खाते से रुपये निकलने का मैसेज मोबाइल पर पहुंचने पर पीड़ित ने सदर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। घिलौड़ कलां निवासी पालेराम खुद का ट्रक चलाते हैं। वे 25 जून को घर से बाहर गए हुए थे। पुलिस को दी शिकायत में पालेराम ने बताया कि शाम को उनके घर वाले मोबाइल पर फोन आया। उनकी पत्नी को फोन करने वाले युवक ने खुद को एक निजी बैंक का अधिकारी बताया।
इसके बाद आरोपी ने कहा कि उनके पति का खाता और एटीएम कार्ड ब्लॉक होने वाला है। दोनों को चालू रखने के लिए आधार कार्ड नंबर बताना होगा। इस पर पत्नी ने आरोपियों को पति का आधार कार्ड नंबर बता दिया। तभी उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया तो आरोपियों ने मैसेज के बारे में पूछा। मैसेज के बारे में बताने के बाद आरोपियों ने पालेराम के खाते से 31,614 रुपये उड़ा दिये। जब पालेराम के पास खाते से रुपये निकलने का मैसेज पहुंचा तो मामले की जानकारी मिली। शाम को पालेराम ने पुलिस को शिकायत दी।
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खाते से रुपये निकलने का मैसेज मोबाइल पर पहुंचने पर पीड़ित ने सदर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। घिलौड़ कलां निवासी पालेराम खुद का ट्रक चलाते हैं। वे 25 जून को घर से बाहर गए हुए थे। पुलिस को दी शिकायत में पालेराम ने बताया कि शाम को उनके घर वाले मोबाइल पर फोन आया। उनकी पत्नी को फोन करने वाले युवक ने खुद को एक निजी बैंक का अधिकारी बताया।
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इसके बाद आरोपी ने कहा कि उनके पति का खाता और एटीएम कार्ड ब्लॉक होने वाला है। दोनों को चालू रखने के लिए आधार कार्ड नंबर बताना होगा। इस पर पत्नी ने आरोपियों को पति का आधार कार्ड नंबर बता दिया। तभी उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया तो आरोपियों ने मैसेज के बारे में पूछा। मैसेज के बारे में बताने के बाद आरोपियों ने पालेराम के खाते से 31,614 रुपये उड़ा दिये। जब पालेराम के पास खाते से रुपये निकलने का मैसेज पहुंचा तो मामले की जानकारी मिली। शाम को पालेराम ने पुलिस को शिकायत दी।
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आधार कार्ड नंबर लेने के बाद मांगा वन टाइम पासवर्ड
ऑनलाइन
- फोटो : demo pics
आरोपियों ने आधार कार्ड का नंबर मांगकर शॉपिंग की। वहीं संबंधित बैंक खाताधारक द्वारा गोपनीय ओटीपी नंबर भूलने पर आधार नंबर बताने पर रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी नंबर भेज देते हैं। आरोपियों ने उस वन टाइम पासवर्ड की जानकारी लेकर ठगी की।
आरोपियों ने गुड़गांव में की ऑनलाइन शॉपिंग
आरोपियों ने पालेराम के खाते से निकाले रुपयों में से करीब 22,614 की शॉपिंग कर ली, जबकि नौ हजार रुपये का ऑनलाइन बिल जमा कर दिया। बैंक से पालेराम को मिली स्टेटमेंट के अनुसार आरोपियों ने गुड़गांव में शॉपिंग की है। जबकि ऑनलाइन बिल के बारे में पता नहीं चल सका है।
अभी तक चालू है आरोपियों का मोबाइल नंबर
आरोपियों ने जिस मोबाइल नंबर से पालेराम के घर कॉल की थी, वह अभी तक बंद नहीं है। आरोपियों ने पीड़ित को दोबारा चंगुल में फंसाने के लिए उनके पास कॉल की। इस बार कहा कि उन्होंने गलती से उनके रुपये निकाल लिये हैं। इस पर आरोपियों ने एक मैसेज फिर पालेराम के मोबाइल पर कर दिया और डिटेल मांगी। लेकिन इस बार पीड़ित उनके चक्कर में नहीं आया। हद तो यह भी है कि आरोपी का नंबर चालू होने के बाद भी पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी है, न ही नंबर सर्विलांस पर लगाया गया है।
आरोपियों ने गुड़गांव में की ऑनलाइन शॉपिंग
आरोपियों ने पालेराम के खाते से निकाले रुपयों में से करीब 22,614 की शॉपिंग कर ली, जबकि नौ हजार रुपये का ऑनलाइन बिल जमा कर दिया। बैंक से पालेराम को मिली स्टेटमेंट के अनुसार आरोपियों ने गुड़गांव में शॉपिंग की है। जबकि ऑनलाइन बिल के बारे में पता नहीं चल सका है।
अभी तक चालू है आरोपियों का मोबाइल नंबर
आरोपियों ने जिस मोबाइल नंबर से पालेराम के घर कॉल की थी, वह अभी तक बंद नहीं है। आरोपियों ने पीड़ित को दोबारा चंगुल में फंसाने के लिए उनके पास कॉल की। इस बार कहा कि उन्होंने गलती से उनके रुपये निकाल लिये हैं। इस पर आरोपियों ने एक मैसेज फिर पालेराम के मोबाइल पर कर दिया और डिटेल मांगी। लेकिन इस बार पीड़ित उनके चक्कर में नहीं आया। हद तो यह भी है कि आरोपी का नंबर चालू होने के बाद भी पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी है, न ही नंबर सर्विलांस पर लगाया गया है।