विदेश की चकाचौंध में छली गई युवती
विदेश के सपने संजोए बैठी युवती चार साल से दर दर की ठोकरें खा रही है। युवती को ससुराल परिवार ने भी घर से बेदखल कर दिया है। थाना एनआरआई पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
स्थानीय एनआरआई सेल के डीएसपी कंवरपाल सिंह बाजवा ने बताया कि राजवंत कौर गांव बड्डूवाल (मोगा) ने एनआरआई सेल को शिकायत की थी कि उसका विवाह जसपाल सिंह गांव संगोवाल (नकोदर) जिला जालंधर से 21 मार्च 2010 को हुआ था।
जसपाल सिंह स्पेन गया हुआ था लेकिन वह वहां पक्का नहीं था। बाजवा ने बताया कि पीड़ित के मां बाप ने यह विदेशी रिश्ता बिना जांच पड़ताल किए कर दिया। विवाह के बाद विवाहिता अपने ससुराल में रही और नवंबर 2011 में उसने एक लड़की को जन्म दिया। पक्का न होने के कारण जसपाल सिंह राजवंत को विदेश नहीं बुला सका। राजवंत ग्रेजुएट और जसपाल दसवीं कक्षा पास है।
पति और ससुर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस
बाजवा ने बताया कि राजवंत कौर ने जिला पुलिस के पास शिकायत की कि उसके ससुर जसविंदर सिंह ने 4 अक्तूबर 2013 को उससे 10 हजार रुपये प्रति माह गुजारा भत्ता देने का लिखित समझौता कर लिया। इसके बाद पीड़ित को करीब 3 माह तो तय गुजारा भत्ता मिला लेकिन इसके बाद उसे घर से बेदखल कर दिया गया। वह अपनी मासूम बच्ची के साथ मायके आ गई।
पीड़ित विवाहिता की शिकायत की प्राथमिक पड़ताल के दौरान पीड़ित के मां बाप से दहेज मांगने की कोई बात सामने नहीं आई। थाना एनआरआई में जसपाल सिंह और उसके पिता जसविंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मौके पर बाजवा ने कहा कि एनआरआई लड़के-लड़कियों से विवाह करने से पहले उनकी जांच पड़ताल करनी जरूरी है।