ठंड से बचने के लिए कर दी एक गलती, 6 फुट के कमरे में 'दफन' हो गईं 4 जिंदगियां...हादसा खौफनाक
ठंड से बचने के लिए की गई एक छोटी सी गलती चार लोगों की जिंदगी पर भरी पड़ गई। काम-धंधे की तलाश में घर से हजारों किमी. दूर रहे चार युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। घटना पंजाब के तरनतारन की है। यहां शुक्रवार रात 4 युवकों की दम घुटने से मौत हुई। जबकि पांचवें की हालत गंभीर बनी हुई है।
ये लोग अमृतसर रोड स्थित प्रीतम गार्डन में सफाई का काम करते थे। शुक्रवार की रात बिना रोशनदान वाले 6 फुट के कमरे में सभी सो गए। ठंड से बचाव के लिए जलाई गई अंगीठी इनकी मौत का कारण बनी।
अमृतसर के मजीठा नगर में किराये पर रहने वाले लव कुमार (30) पुत्र रामचंद निवासी गांव मोहमारी जिला कृष्ण गंज (बिहार), विक्की (17) पुत्र मानिक दास गांव सारंग जिला गुवाहाटी (असम), सुरेश (38) पुत्र रामदेव निवासी जिला गोंडा (यूपी), कृष्णा (22) पुत्र रवीन सरकार निवासी पुराना तालू (महराजपुर) जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) व विनोद नेपाली अपने तीन अन्य साथियों समेत तरनतारन स्थित प्रीतम गार्डन में सफाई का काम करने लिए एक सप्ताह पहले आए।
शुक्रवार शाम को काम करने के बाद प्रीतम गार्डन के पीछे बने कमरे में सो गए। बताया जाता है कि पांच युवक बिना रोशनदान वाले 6 फुट के कमरे में जमीन पर सो गए। तीन साथी किसी अन्य रिसोर्ट में सो गए। रात के समय सर्दी से बचने लिए पांचों ने अंगीठी जलाई और कमरे को बंद कर दिया। कमरे में कोई रोशनदान भी नहीं था। ऑक्सीजन की कमी के कारण पांच युवकों में से कृष्णा, सुरेश, विक्की, लव की मौत हो गई।
जबकि विनोद अस्पताल में भर्ती है। वहीं विनोद नेपाली को बेहोशी की हालत में गुरु नानक देव सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया। मामले का पता सुबह 8:30 बजे लगा, जब उनके साथियों ने कमरे का दरवाजा खोला। एसपी (आई) तिलक राज, डीएसपी सुच्चा सिंह बल्ल, जीएस संधू, थाना सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर चंद्र भूषण, पुलिस चौकी दबुर्जी इंचार्ज सतपाल सिंह ने घटना की सूचना पर मौके का जायजा लिया।
एसएसपी दर्शन सिंह मान ने बताया कि मृतक कृष्णा के पिता रवीन सरकार के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शवों का पंचनामा कर परिजनों को सौंपा जा रहा है।